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जनरल बिपिन रावत ने म्यांमार में दिखाई थी बहादुरी, कर्नल कोठियाल को किडनैपर्स से बचाया था…

बहादुरी की मिसाल जनरल बिपिन रावत...कर्नल कोठियाल को म्यांमार में किडनैपर्स से बचााया था
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देहरादून: करीब 2 हफ्ते पहले देश के प्रथम सीडीएस बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत समेत 12 सैन्य अधिकारी हेलीकॉप्टर क्रैश में शहीद हो गए थे। कुन्नूर में हुए इस हादसे ने पूरे भारत को हिला कर रख दिया। हर कोई जनरल बिपिन रावत को अपने तरह से याद कर रहा है। इस बार आम आदमी पार्टी के नेता कर्नल अजय कोठियाल ने भी जनरल बिपिन रावत से जुड़े किस्से को साझा किया है।

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कर्नल कोठियाल ने म्यांमार में हुई एक घटना का जिक्र किया, जब वह खुद किडनैप हो गए थे और उन्हें बिपिन रावत ने बचाया था। बीते दिनों को याद करते हुए कर्नल अजय कोठियाल (सेवानिवृत्त) कहते हैं कि जब मैं सेना में मेजर था उस दौरान मेरी पहली बार जनरल बिपिन रावत से मुलाकात हुई थी। वह मेरे मेंटर थे। उन्होंने म्यामार इंटरनेशनल प्रोजेक्ट का जिक्र करते हुए बताया कि जब मैं म्यांमार इंटरनेशनल प्रोजेक्ट पर काम कर रहे था, तब वहां वह किडनैप कर लिया गया था।

कर्नल कोठियाल बताते हैं कि यही वह मौका था जब जनरल बिपिन रावत देवदूत बनकर आए और उन्हें छुड़ा ले गए। कर्नल ने बताया जब वह किडनैप हुए तो सीडीएस बिपिन रावत ने मध्यस्थता करते हुए उन्हें दुश्मनों के गिरफ्त से बाहर निकाला था। इतना ही नहीं बल्कि इस घटना के बाद बिपिन रावत ने कर्नल को सुरक्षा भी दिलवाई थी।

दरअसल केदारनाथ पुनर्निर्माण के बाद कर्नल अजय कोठियाल की वुड स्टोन कंस्ट्रक्शन कंपनी भारत सरकार के कालाधन रोड प्रोजेक्ट पर काम कर रही थी। इसी समय कर्नल कोठियाल अपनी 4 सदस्य एक टीम के साथ म्यांमार गए थे। जहां पर अराकान आर्मी (म्यांमार का विद्रोही संगठन) ने उनका अपहरण कर लिया।

तब भारत सरकार ने बीच-बचाव करते हुए उन्हें छुड़ा लिया था। जिसमें सीडीएस बिपिन रावत का सबसे अधिक महत्वपूर्ण योगदान रहा था। कर्नल अजय कोठियाल ने कहा कि सीडीएस बिपिन रावत का इस तरह से चले जाना देश के लिए बड़ा झटका है। उन्होंने बिपिन रावत के साथ बिताए पलों को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी। साथ ही कहा कि सीडीएस बिपिन रावत हमेशा मेंटर रहे और रहेंगे। उनसे एक पारिवारिक जुड़ाव था।

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