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हल्द्वानी की वसुंधरा जोशी से मिलिए…जिन्होंने पहाड़ी खाने से विराट-अनुष्का को बनाया फैन

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हल्द्वानी, मंथन रस्तोगी: कहा जाता है कि अगर मंजिल की ओर चलने का पक्का इरादा कर लिया जाए तो मंजिल पहले ही आधी हो जाती है। पहले आईडिया खोजना, फिर योजना बनाना और फिर प्लानिंग पर चलते चले जाना, जितना आसान दिखता है उतना होता नहीं है। कहानियों के शहर हल्द्वानी की एक ऐसी कहानी आप आज सुनेंगे, जिसका एक अनोखा चैप्टर विराट कोहली और अनुष्का शर्मा हैं।

हल्द्वानी रामपुर रोड पर स्थित “दिल्ली तंदूर उत्तराखंड” ही वो रेस्टोरेंट है, जिसने नैनीताल में छुट्टियां बिताने आए विराट कोहली और अनुष्का शर्मा को अपनी सोया चाप से खुश कर दिया था। सेलेब्रिटी कपल इतना खुश हुए कि अनुष्का शर्मा इंस्टाग्राम पर रेस्टोरेंट की तारीफ करने से भी खुद को रोक नहीं पाई। मगर विराट और अनुष्का तक हल्द्वानी का खाना पहुंचा कैसे…आईए बताते हैं।

विराट-अनुष्का से पहले हल्द्वानी आए एक्ट्रेस के माता-पिता

विराट कोहली वर्ल्ड कप के बाद छुट्टी लेकर घर आए तो किसी को अंदाजा नहीं था कि वो वैकेशन के लिए नैनीताल आएंगे। यहां विराट अनुष्का और बेटी वामिका के साथ आए थे और परिवार ने कैंची धाम, काकड़ीघाट व हनुमान गढ़ी में खास वक्त बिताया। मगर विराट-अनुष्का की छुट्टियों की तैयारी कुछ दिन पहले ही शुरू हो गई थी। दो-चार दिन पहले अनुष्का के माता-पिता खुद हल्द्वानी आए थे।

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दिल्ली तंदूर उत्तराखंड (हल्द्वानी) की संचालक वसुंधरा जोशी ने हल्द्वानी लाइव के साथ खास बातचीत में बताया कि अनुष्का शर्मा के माता-पिता पहाड़ के युवाओं को काफी सपोर्ट करते हैं। किसी के द्वारा उन्हें हमारे रेस्टोरेंट के बारे में पता चला तो उन्होंने यहां आकर खाना टेस्ट किया। इसके बाद जब विराट-अनुष्का यहां आए तो उनकी टीम ने रेस्टोरेंट की टीम को इन्वाइट किया था। वसुंधरा ने बताया कि विराट-अनुष्का को चाप बहुत पसंद आई थी।

कैसे हुई रेस्टोरेंट की शुरुआत ?

मूल रूप से भवाली के पास रहने वाली वसुंधरा जोशी ने अपने मित्र नैनीताल निवासी अजय सनवाल के साथ रेस्टोरेंट की शुरुआत पिछले साल अक्टूबर में की थी। हालांकि, इस आइडिया पर काम दोनों ने इससे पहले ही शुरू कर दिया था। दरअसल, वसुंधरा जोशी पांच साल मुंबई में रहकर काम कर चुकी हैं मगर देवभूमि लौटकर काम करने का मन उन्होंने लॉकडाउन में बनाया।

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सबसे पहले अजय और वसुंधरा ने बल्दियाखान में फूड ट्रक खोला और लोकल लोगों के बीच पहचान स्थापित की। जब लगा कि इतने से काम नहीं बनेगा तो हल्द्वानी में जगह खोजनी शुरू की। कम संसाधनों और कड़ी मेहनत के साथ दोनों ने रामपुर रोड पर रेस्टोरेंट खोल दिया। हल्द्वानी लाइव के साथ बातचीत में वसुंधरा ने बताया कि हमारा मुख्य लक्ष्य लोगों के दिलों में जगह बनाना और बेहतर सर्विस देना है।

क्या है खासियत ?

जो बात रेस्टोरेंट को सबसे अलग बनाती है, वो यहां का पहाड़ी माहौल है। आप हल्द्वानी मे बैठकर पहाड़ के खाने का आनंद ले सकते हैं। विराट-अनुष्का को भी वसुंधरा और अजय ने केवल चाप नहीं बल्कि आलू के गुटके, पहाड़ी चटनी, भट्ट की चुड़कानी, आदि सब खिलाया था। रेस्टोरेंट में सारा स्टाफ उत्तराखंड का है। इस हिसाब से भी रेस्टोरेंट अच्छा है।

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युवाओं के लिए संदेश

वसुंधरा जोशी और अजय सनवाल की कहानी युवाओं के लिए एक सीख है। सीख ये है कि आप अपने प्रदेश, अपने शहर में रहकर भी नाम बना सकते हैं। वो सब कर सकते हैं, जिसके सपने बड़े शहर दिखाते हैं। हल्द्वानी लाइव के साथ हुए इंटरव्यू में वसुंधरा का कहना था कि महिलाओं और बेटियों के अंदर आगे आने की ललक होती है। अब उन्हें बिना डरे आगे आकर अपना परिचय देने की आवश्यकता है। वसुंधरा और अजय को भविष्य के लिए हमारी ओर से ढेरों शुभकामनाएं।

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