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रामनगर जिम कॉर्बेट जंगल सफारी कर रहे पर्यटकों पर बाघिन का हमला, ड्राइवर की सूझ-बूझ से बची सबकी जान


Jim Corbett Jungle Safari Tiger Attack Update: रामनगर का जिम कॉर्बेट पार्क पूरे भारत में जंगल सफारी के लिए मशहूर है। अनेकों प्रजातियों के वन्यजीवों को देखने के लिए देश-विदेश से लोग यहाँ का रुख करते हैं। हालांकि कभी-कभी बड़े जानवरों द्वारा पर्यटकों पर हमले की ख़बरें भी सामने आती हैं। ऐसी ही एक और खबर सामने आ रही है, जहाँ जंगल सफारी कर रहे पर्यटकों की जीप पर बाघिन ने हमला कर दिया।

इंटरनेट पर वायरल हो रहे इस वीडियो में बाघिन को साफ़ तौर पर देखा जा सकता है। जहाँ उसे झाड़ियों में छिपे हुए और बाहर आते हुए कैमरे में कैद किया गया है। पर्यटकों को देख कर बाघिन का घूरना और गुर्राना हमले से पहले का वो इशारा था जिसे पर्यटक नहीं समझ पाए और इसे बाघिन द्वारा किया जा रहा मज़ाक समझकर वीडियो बनाते रहे। लेकिन पर्यटक ये भूल गए कि वो सर्कस में नहीं बल्कि जंगल में हैं जहाँ जानवर अपनी मर्ज़ी से कुछ भी कर सकते हैं, वहां उनपर किसी का ना तो ज़ोर चलता है और ना उनसे किसी भी प्रकार की जबरदस्ती की जा सकती है। पर पर्यटक अपनी मस्ती में गुम परिस्थिति नहीं समझ पा रहे थे तभी बाघिन ने उनपर हमला कर दिया। 11 सेकंड की वीडियो में ये साफ़ देखा जा सकता है कि बाघिन उनकी तरफ तेज़ी से गुर्राती हुई, बड़े-बड़े पंजों के साथ बढ़ी और झपटने को तैयार थी।

पर्यटकों को समझने में ज़्यादा देर नहीं लगी कि वो सर्कस या चिड़ियाघर के किसी जानवर को नहीं बल्कि जंगल में एक बाघ को देख रहे थे। जो अब उनपर हमला करने जा रहा था। बाघ को उकसाते और आवाज़ें निकालकर अपनी तरफ बुलाते समय उन्हें यह ख़याल नहीं आया होगा कि अगर वो बाघ सच में इनकी तरफ बढ़ा तो इन्हें अपनी जान बचाने के लिए सिर्फ चीखना-चिल्लाना होगा जिसे वो बाघ नहीं समझ सकता। लेकिन वहां एक आदमी था जो इस पूरी स्थिति से परिचित था, जिसे ऐसी घटनाओं का अनुभव पहले भी था और जो इस चिल्लम-चिल्ली के बीच समुद्र सा शांत था। वो कोई और नहीं जिम कॉर्बेट जंगल सफारी का जीप ड्राइवर ही था जो पर्यटकों को बाघिन के इस भयानक हमले से सुरक्षित बाहर निकाल लाया।

आए दिन जंगलों से जानवरों के हमले की आने वाली ख़बरें हमारे लिए आम हैं, लेकिन शहरों से आने वाले सैलानी इस बात की गंभीरता नहीं समझते। जिससे कई बार उन्हें ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन देवभूमि में कम ही ऐसा होता है कि इन घटनाओं में किसी का भी नुक्सान हुआ हो। यहाँ हर घटना एक पाठ है, प्रकृति का और उसके नियमों का सम्मान करने वाले सभी लोगों के लिए यह घटनाएं प्रकृति को और अच्छी तरह से समझने के लिए आशीर्वाद हैं।

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