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ये आंकड़े देखिए, 2014 से 11 CM सहित 399 कांग्रेस नेताओं ने बदला पाला

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Congress Current Condition: Uttarakhand Former CM: Political Leaders Who Left Congress:

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2014 के बाद से भारतीय राजनीतिक परिवेश में कई बदलाव देखे गए हैं। 2014 लोकसभा चुनाव से पहले देश के सबसे पुराने राजनीतिक दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को हमेशा मज़बूत स्थिति में देखा गया है। जिस तरह आज भाजपा के समर्थन में नारे और भीड़ दिखाई देती है कुछ इसी प्रकार का दौर कांग्रेस ने भी देखा है। कांग्रेस का हाथ छोड़ भाजपा का कमल थामने वाले कई नेताओं की ख़बरें आप सुनते और पढ़ते रहते हैं, पर क्या आपने गौर किया है कि अब तक कितने कांग्रेसी नेताओं और मुख्यमंत्रियों ने कांग्रेस छोड़ी है?

2014 से अब तक कांग्रेस के 11 मुख्यमंत्रियों सहित 399 नेताओं ने कांग्रेस का हाथ और साथ दोनों छोड़ दिया है। ज़ाहिर है कि यह आंकड़ा पूरे देश का है लेकिन इतने सारे नेताओं का चले जाना भाजपा हो या कांग्रेस किसी भी दल के लिए चिंता का विषय ज़रूर होता। अभी यह आंकड़ा कांग्रेस पार्टी के नेताओं का है जिसके कई नेताओं ने शीर्ष नेतृत्व से नाराज़गी और कई निजी कारणों से कांग्रेस का साथ छोड़ा है। कांग्रेस का साथ छोड़ने वाले इन सभी नेताओं में से अधिकाँश नेता भाजपा में शामिल हुए हैं। ऐसा नहीं है की इन सभी नेताओं ने हवा के रुख के साथ अपनी विचारधारा बदली है। भाजपा का दामन थामते हुए इनमें से कई नेताओं का कहना था कि प्रधामंत्री मोदी का नेतृत्व और उनकी विकास की विचारधारा से प्रभावित होकर उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया है।

कांग्रेस का हाथ छोड़कर भाजपा का कमल चुनने वाले इन नेताओं में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा का नाम भी शामिल है। 2012 में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने विजय बहुगुणा 2009 का लोकसभा चुनाव कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में लड़ कर जीत भी हासिल कर चुके हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय बहुगुणा के बेटे साकेत बहुगुणा ने भी कांग्रेस की टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़ा था। कांग्रेस का हाथ छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले उत्तराखंड के एक मात्र बड़े नेता सिर्फ विजय बहुगुणा नहीं हैं, बल्कि सतपाल महाराज भी पहले कांग्रेस के नेता रह चुके हैं। UPA सरकार में राजयमंत्री रह चुके सतपाल महाराज ने 2014 में ही भाजपा का दामन थाम लिया था और भाजपा ने भी उनके कौशल और काबिलियत पर विश्वास दिखाते हुए उन्हें राज्य सरकार में विशेष महत्त्व और विश्वास के साथ दायित्व सौंपा।

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