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जमीनी विवाद,करवाचौथ के दिन हुई दो भाइयों में लड़ाई,एक भाई की मौत

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हरिद्वार: करवा चौथ पर महिलाएं निर्जला व्रत करती हैं और रात के समय चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत खोलती हैं। करवा चौथ में चंद्र देव की आराधना का विशेष महत्व होता है। चंद्रदेव की उपासना करने की परंपरा है। ऐसा करने से पति की दीर्घायु और पति-पत्नी के बीच प्रेम में बढ़ोतरी होती है। लेकिन करवाचौथ के दिन जमीनी विवाद के चलते दो भाई और उनके परिवार वाले आपस में भिड़ गए। इस दौरान लड़ाई में एक भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। यह मामला कोतवाली क्षेत्र मंगलौर के नगला एमाद गांव का है।

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जानकारी के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के नगला एमाद गांव में दो भाई जितेंद्र और सत्येंद्र के बीच लंबे समय से जमीनी विवाद चल रहा था। करीब 18 वर्षों से चल रहे विवाद के बाद दो दिन पूर्व भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच फिर से झड़प हुई। आरोप है कि इसी बीच एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर लाठी डंडे और चाकू से हमला कर दिया। घटना में 40 वर्षीय जितेंद्र और उनका 20 वर्षीय पुत्र, एवं पत्नी घायल हो गयी। जिनको आनन फानन में अस्पताल ले जाया गया। जहां प्राथमिक उपचार कर उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया।

सुबह उपचार के दौरान जितेंद्र की मौत हो गयी। जितेंद्र की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। उन्होंने आरोप लगाएं है कि कई बार पुलिस को सूचना देने के बाद भी पुलिस मौके पर नहीं आई। वहीं दूसरी ओर मंगलौर के सीओ का कहना है कि दो दिन पहले हुए झगड़े में जितेंद्र की आज उपचार के दौरान मौत हुई है। अब पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा दो दिन पहले जब झगड़े की सूचना मिली थी, तो पुलिस गांव पहुंची थी लेकिन उस समय यह लोग कोतवाली पहुंच गए थे। घायलों को पुलिस ने अस्पताल भिजवाया था कोई तहरीर न मिलने के कारण कार्रवाई नहीं हुई थी।

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