
Uttarakhand Cabinet | Book Price Fine | Jan Vishwas Bill : उत्तराखंड में किताबों को तय कीमत से ज्यादा दाम पर बेचने वाले कारोबारियों पर भारी जुर्माना लगाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में जन विश्वास कानून के तहत पांच अधिनियमों में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत कुछ मामलों में जेल की सजा कम करने या हटाने और जुर्माने की रकम बढ़ाने का प्रस्ताव है। इससे संबंधित विधेयक विधानसभा में पेश किया जाएगा।

किताबों की ज्यादा कीमत वसूलने पर दो लाख रुपये तक जुर्माना
उत्तर प्रदेश पाठ्य पुस्तक अधिनियम में बदलाव के प्रस्ताव के मुताबिक दुकानदार उपलब्ध किताबों की बिक्री रोक नहीं सकेंगे और न ही तय कीमत से ज्यादा रकम वसूल सकेंगे। अधिक कीमत वसूलने के मामले में जेल की सजा हटाने और अतिरिक्त वसूली गई रकम का दस गुना तक जुर्माना लगाने का प्रस्ताव है। जुर्माने की अधिकतम सीमा दो लाख रुपये होगी।
वहीं अधिनियम की धारा 10 के तहत गलत बयान देने के मामले में जेल की सजा तीन साल से घटाकर छह महीने करने का प्रस्ताव है। इसके साथ दो लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकेगा या दोनों सजाएं दी जा सकेंगी।
सरकारी संपत्ति पर लिखने पर तीन महीने की जेल का प्रस्ताव
लोक संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम में भी संशोधन की तैयारी है। सरकारी संपत्ति पर स्याही, खड़िया या मिट्टी से विज्ञापन लिखने या चिपकाने के मामले में जेल की सजा एक साल से घटाकर तीन महीने करने का प्रस्ताव है। वहीं जुर्माना 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये किया जा सकता है। दोषी को संपत्ति बहाल करने में आई वास्तविक लागत भी चुकानी होगी।
पंचायती राज अधिनियम में बदलाव
उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम, 2016 की धारा 131-यू की उपधारा (2) को हटाने का प्रस्ताव है। इस प्रावधान में बिना उचित कारण आधिकारिक जिम्मेदारी का पालन नहीं करने पर 250 रुपये तक जुर्माने की व्यवस्था है। प्रस्तावित बदलाव का उद्देश्य इस प्रावधान को सरल बनाना है।
मछली के अवैध शिकार पर बढ़ेगा जुर्माना
मत्स्य अधिनियम के तहत प्रतिबंधित क्षेत्र में मछली पकड़ने पर जुर्माने की रकम बढ़ाने का प्रस्ताव है। पहली बार ऐसा करने पर पांच हजार रुपये और दोबारा दोषी पाए जाने पर 10 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
विस्फोटक का इस्तेमाल कर मछलियां पकड़ने के मामलों में भी जुर्माना बढ़ाने का प्रस्ताव है। संबंधित प्रावधानों के तहत जुर्माने की रकम 10 हजार और 20 हजार रुपये तक हो सकती है। जहर डालकर मछली मारने के मामले में तीन साल की जेल या पांच हजार रुपये जुर्माने के मौजूदा प्रावधान को बदलकर दो महीने की जेल और 20 हजार रुपये जुर्माने का प्रस्ताव है।
जल प्रबंधन कानून में भी बदलेगा सजा का प्रावधान
जल प्रबंधन एवं विनियामक अधिनियम के तहत जल वितरण के कारोबार में नियमों का उल्लंघन करने पर जेल की अधिकतम सजा एक साल से घटाकर छह महीने करने का प्रस्ताव है। एक लाख रुपये तक जुर्माने और दूसरी बार भी उल्लंघन करने पर प्रतिदिन 20 हजार रुपये के अतिरिक्त जुर्माने का प्रावधान यथावत रखने की बात कही गई है।
विधानसभा में पेश होगा विधेयक
सरकार का उद्देश्य छोटे अपराधों के मामलों में जेल की सजा कम करना और आर्थिक दंड को बढ़ाना है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक 2026 को विधानसभा में पेश किया जाएगा। प्रस्तावित बदलाव लागू होने की प्रक्रिया विधायी मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगी।



