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सोशल मीडिया पर छाए पिता अंकित जोशी, बेटी के लिए छोड़ दी अच्छी खासी नौकरी

सोशल मीडिया पर छाए पिता अंकित जोशी, बेटी के लिए छोड़ दी अच्छी खासी नौकरी
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देहरादून, मंथन रस्तोगी: आपने गर्भवती महिलाओं को ऑफिस से छुट्टी लेते देखा होगा। महिलाओं को ऑफिस से वैसे भी मैटरनिटी लीव मिल जाती है। मगर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक व्यक्ति ने अपने होने वाले बच्चे के लिए नौकरी ही छोड़ दी। जी हां, इन दिनों इंस्टाग्राम पर एक कहानी वायरल हो रही है। जिसमें पिता ने होने वाले बच्चे के लिए बढ़िया नौकरी छोड़कर मिसाल पेश की है। दावा किया जा रहा है कि कपल देहरादून, उत्तराखंड का है। Humans of Bombay (2.4 मिलियन फॉलोवर्स) नामक पेज ने कपल की कहानी शेयर की है।

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क्या है कहानी ?

इंस्टाग्राम पर उक्त पेज के जरिए अंकित जोशी नामक व्यक्ति बताते हैं कि, “मेरी बेटी के जन्म के कुछ दिन पहले, मैंने अपनी मोटी तनख्वाह वाली नौकरी छोड़ दी। मैं जानता हूं कि यह एक विचित्र फैसला था। लोगों ने कहा, ‘आप जानते हैं कि अब यह कितना मुश्किल होगा?’ लेकिन मेरी पत्नी आकांक्षा मेरे साथ खड़ी रहीं और बस यही मायने रखता था।”

“हिमाचल में स्पीति घाटी की अपनी यात्रा के दौरान, आकांक्षा और मैंने अपनी भावी बेटी का नाम ‘स्पीति’ रखने का वादा किया था। पिछले महीने हमारा सपना सच हो गया जब हमने एक सुंदर बच्ची को जन्म दिया। हमारे दिल भरे हुए थे और हमारा जीवन पूरा था। लेकिन मेरी बेटी के दुनिया में आने से पहले ही, मुझे पता था कि मैं अपना सारा समय उसके साथ बिताना चाहता हूं।”

अंकित आगे लिखते हैं, “मुझे पता था कि यह मुश्किल होने वाला है। मैंने कुछ महीने पहले ही वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में एक नया काम शुरू किया है। मेरा काम मुझे अलग-अलग शहरों में ले गया और जितना मजा आया, मैं स्पीति के जन्म के बाद एक लंबा ब्रेक चाहता था मगर ये भी पता था कि कंपनी से छुट्टी नहीं मिलेगी इसलिए मैंने ये सोचकर नौकरी छोड़ी कि जैसे मेरा प्रमोशन पिता के रूप में हुआ है।”

पोस्ट के मुताबिक बच्ची को जन्म देने वाली अकांक्षा छह महीने की मैटरनिटी लीव पर हैं और स्पीति के पैदा होने के कुछ ही दिनों बाद उनका प्रमोशन भी हो गया। अंकित का कहना है कि उन्हें कंपनियों के पिताओं को पैटरनिटी लीव ना देने के फैसले पर निराशा होती है। इससे पिताओं से एक बड़ा कीमती समय छिन जाता है। हालांकिस उन्होंने ये भी कहा कि उनकी तरह हर पिता इतना बड़ा फैसला नहीं ले सकता। मगर उन्हें उम्मीद है कि हर पिता को ये कीमती समय जीने का मौका मिले।

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