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दरोगा भर्ती घोटाला…तो फर्जी दस्तावेजों के साथ ली गई थी ईमानदारी की शपथ

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देहरादून: 2015 में हुए दरोगा भर्ती घोटाले ने ना केवल युवाओं के साथ हुए धोखे को उजागर किया है बल्कि लोगों में पुलिस के मित्र पुलिस होने के भरोसे को भी चोट पहुंचाई है। प्रदेश में हुई दरोगा भर्ती में आरोपित दरोगाओं ने कहने को तो ईमानदारी और निष्ठा से ड्यूटी करने की शपथ ली। मगर किसे पता था कि उस शपथ का आधार भी फर्जी दस्तावेज थे।

दरअसल इस भर्ती घोटाले से सामने निकल कर आ रहे तथ्यों ने एक बेचैनी सी बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि निलंबित किए गए 20 दरोगाओं में से कई की दसवीं और बारहवीं की मार्कशीट भी जाली है और इस संबंध में सबूत भी मिले हैं। फिलहाल मामले की तफ्तीश विजिलेंस विभाग कर रहा है।

आपको बता दें कि जांच के दौरान अब 30 और दरोगाओं की मुसीबत भी बढ़ सकती है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर वी मुरुगेशन ने जानकारी दी और बताया कि मामले की तफ्तीश लगातार की जा रही है। समय के साथ नए साक्ष्य भी निकल कर सामने आ रहे हैं और प्रशासन उचित कार्यवाही भी कर रहा है।

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