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उत्तराखंड: भारतीय नौसेना हुई और मजबूत, INS महेंद्रगिरि पर तैनात नई सुपर रैपिड गन

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BHEL : UttarakhandNews : DefenseProduction : MakeInIndia : AtmanirbharBharat : IndianNavy : SpaceResearch : VandeBharat : भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) न सिर्फ ऊर्जा उत्पादन में बल्कि रक्षा और अंतरिक्ष अनुसंधान में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

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बीएचईएल हरिद्वार ने भारतीय नौसेना के लिए सुपर रैपिड गन माउंट (SRGM) का निर्माण किया है। यह अत्याधुनिक नेवल गन 35 किलोमीटर तक के लक्ष्य भेदने में सक्षम है और विभिन्न गोला-बारूद के उपयोग के आधार पर लक्ष्य को भेद सकती है। बीएचईएल ने अब तक नौसेना के लिए 50 गन का निर्माण कर उसे युद्धपोतों पर लगाया है।

‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियानों के तहत बीएचईएल ने रक्षा उत्पादन में स्वदेशीकरण को बढ़ावा दिया है। कंपनी की आरएंडडी इकाइयां मैकेनिकल सिस्टम, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, कंट्रोल सिस्टम और उन्नत निर्माण तकनीकों में उच्च स्तर के समाधान विकसित कर रही हैं। बीएचईएल ने डीआरडीओ के साथ मिलकर कई रक्षा परियोजनाओं में तकनीकी सहयोग भी किया है।

अंतरिक्ष अनुसंधान में योगदान: बीएचईएल ने इसरो और नासा के संयुक्त मिशन NISAR के लिए स्पेस-ग्रेड सोलर पैनल और Li-Ion बैटरी बनाई। इन उपकरणों ने सैटेलाइट को 747 किमी ऊंचाई पर सफलतापूर्वक स्थापित होने में मदद की…जिससे भारत की अंतरिक्ष और विनिर्माण क्षमताओं में मील का पत्थर कायम हुआ।

रेल परिवहन में योगदान: बीएचईएल ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन परियोजना के लिए ट्रैक्शन कन्वर्टर और ट्रांसफार्मर की आपूर्ति शुरू कर दी है। ये उपकरण बेंगलुरु और झांसी प्लांट से कोलकाता भेजे जा रहे हैं, जबकि ट्रैक्शन मोटर भोपाल यूनिट में विकसित किया गया है।

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