
Uttarakhand News | Pension Rules | Aadhaar Link : उत्तराखंड में समाज कल्याण विभाग की पेंशन और सहायता योजनाओं का लाभ लेने वाले लोगों के लिए नियम सख्त कर दिए गए हैं। सरकार ने वर्ष 2021 में लागू पेंशन मानकों में बदलाव करते हुए पांच नए प्रावधान लागू किए हैं। अब पेंशन पाने वाले प्रत्येक लाभार्थी का बैंक खाता आधार से लिंक होना जरूरी होगा। ऐसा नहीं होने पर पेंशन रोकी जा सकती है। हालांकि अधिक उम्र या दिव्यांगता के कारण आधार नहीं बनवा पाने वाले लोगों को नियमों में छूट दी जाएगी।

समाज कल्याण सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। हाल के दिनों में फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर पेंशन लेने और एक से अधिक पेंशन योजनाओं का लाभ उठाने के मामले सामने आए थे। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभाग को पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता लाने और गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए सख्त व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए थे।
नई व्यवस्था में लाभार्थियों के सत्यापन, फर्जी तरीके से ली गई पेंशन की वसूली और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है।
जिन पेंशन लाभार्थियों की अधिक उम्र या दिव्यांगता के कारण आधार नहीं बन पा रहा है उन्हें आधार संबंधी अनिवार्यता से छूट दी जा सकेगी। इसके लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी को पोर्टल पर प्रमाणपत्र उपलब्ध कराना होगा। वहीं जिला समाज कल्याण अधिकारी अधिकतम छह महीने का एरियर जारी कर सकेंगे।
पेंशन व्यवस्था में किए गए पांच बड़े बदलाव
- आधार से लिंक होना जरूरी: हर पेंशन लाभार्थी का बैंक खाता आधार से जुड़ा होना चाहिए। जानकारी के मुताबिक राज्य में करीब 10 हजार लाभार्थियों के खाते अभी आधार से लिंक नहीं हैं।
- लाभार्थियों का होगा सत्यापन: जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कमेटी बनाई जाएगी। यह कमेटी लाभार्थियों की जांच के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट कराएगी।
- फर्जी पेंशन लेने वालों से होगी वसूली: गड़बड़ी का दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति से ली गई पेंशन की पूरी रकम वापस कराई जाएगी। जरूरत पड़ने पर संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी की जा सकेगी।
- अधिकारियों की भी तय होगी जिम्मेदारी: पेंशन की पात्रता से जुड़े प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने पर समाज कल्याण और राजस्व विभाग के संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- पेंशन रोकने का अधिकार: बैंक खाते के आधार से लिंक नहीं होने पर जिला समाज कल्याण अधिकारी और जिला प्रोबेशन अधिकारी लाभार्थी की पेंशन रोक सकेंगे।
सरकार के इन बदलावों का उद्देश्य पेंशन योजनाओं में फर्जीवाड़े को रोकना, पात्र लोगों तक सहायता पहुंचाना और सरकारी धन के दुरुपयोग पर अंकुश लगाना है।



