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दरोगा भर्ती गड़बड़ी में भी हाकम सिंह का मेन रोल! जांच पर पूरे उत्तराखंड की नज़र

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देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा में गड़बड़ी के बाद अब वर्ष 2015 में हुई दारोगाओं की भर्ती भी शक के घेरे में आ गई है। विजिलेंस की ओर से इसकी जांच की जा रही है। रिपोर्ट्स की मानें तो जीबी पंत विश्वविद्यालय के पूर्व असिस्टेंट एस्टेब्लिशमेंट आफिसर (एईओ) दिनेश चंद्र के साथ इसमें भी हाकम सिंह मेन विलेन हो सकते हैं।

गौरतलब है कि एसटीएफ ने अपनी जांच में गोविंद बल्लभ पंत विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त अधिकारी (ऐईओ) दिनेश चंद्र को गिरफ्तार किया था। जिसने पूछताछ में दारोगा भर्ती मामले में काफी जानकारी उपलब्ध कराई है। सीएम धामी के निर्देशों के बाद सभी विवादास्पद भर्तियों के जांच के निर्देश दिए गए हैं। अगर दरोगा भर्ती परीक्षा में गड़बड़ पाई जाती है तो 30 से 35 की नौकरी पर संकट आ सकता है।

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बता दें कि पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार के शासन से अनुरोध के जांच विजिलेंस को सौंपी गई है। मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यकाल में साल 2015 में हुई इस भर्ती में दारोगा के 339 पदों पर सीधी भर्ती हुई थी। गोविंद बल्लभ पंत विश्वविद्यालय, पंतनगर ने परीक्षा का आयोजन किया था। आरोपित दिनेश चंद्र वर्ष-2006 से वर्ष-2016 तक विश्वविद्यालय के परीक्षा सेल में तैनात था। चर्चा यह है कि भर्ती के कुछ दारोगाओं का हाकम सिंह के साथ संपर्क रहा

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