Haridwar News

मंदिर चोरी के आरोपी आरिफ ने उत्तराखंड पुलिस को कुचलने की कोशिश, गन्ने के खेत में पुलिस पर चलाई गोलियां

Ad

Haridwar Police | Temple Theft | Police Encounter : हरिद्वार जिले के खानपुर क्षेत्र में मंदिरों में चोरी के मामले की जांच के दौरान पुलिस की एक संदिग्ध टेंपो चालक से मुठभेड़ हो गई। पुलिस के मुताबिक चेकिंग के दौरान चालक ने पुलिसकर्मियों को टेंपो से कुचलने की कोशिश की और मौके से फरार हो गया। पुलिस ने पीछा किया तो आरोपी टेंपो छोड़कर गन्ने के खेत में छिप गया। यहां उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे पकड़ लिया गया।

पुलिस के अनुसार 1 अक्टूबर की रात करीब 1:30 बजे खानपुर क्षेत्र के जटाशंकर महादेव मंदिर और दुर्गा माता मंदिर में चोरी हुई थी। आरोपी दोनों मंदिरों से दान पेटियां चोरी कर फरार हो गया था। चोरी की पूरी घटना मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई थी।

घटना के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी और क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग की जा रही थी।

इसी दौरान गोवर्धनपुर चौकी क्षेत्र के शाहीपुर तिराहे पर पुलिस टीम संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। पुलिस के मुताबिक, सिकंदरपुर की ओर से एक संदिग्ध टेंपो आता दिखाई दिया। पुलिसकर्मियों ने उसे रोकने का इशारा किया….लेकिन चालक ने टेंपो रोकने के बजाय पुलिसकर्मियों को कुचलने की कोशिश की और खानपुर की ओर भाग गया।

सूचना मिलने पर खानपुर पुलिस ने टेंपो का पीछा शुरू कर दिया। धर्मपुर मार्ग पर श्मशान घाट के पास आरोपी ने टेंपो छोड़ दिया और पास के गन्ने के खेत में भाग गया।

पुलिस के मुताबिक गन्ने के खेत में छिपे आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की…जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी। घायल होने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।

घायल आरोपी को एंबुलेंस से लक्सर सीएचसी ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी हालत को देखते हुए उसे उप जिला चिकित्सालय रुड़की रेफर कर दिया।

अस्पताल में इलाज के दौरान आरोपी ने अपनी पहचान आरिफ पुत्र खलील, निवासी तोड़ा जलालपुर, कोतवाली रुड़की के रूप में बताई। पुलिस के अनुसार पूछताछ और जांच में उसकी पहचान 1 अक्टूबर की रात जटाशंकर महादेव मंदिर में हुई चोरी के आरोपी के तौर पर हुई है।

पुलिस अब आरोपी का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मंदिरों में हुई चोरी और अन्य वारदातों में उसके साथ और कौन लोग शामिल थे।

Ad
To Top