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उत्तराखंड में पहली बार कोई IAS गया जेल,आय से 500 गुना अधिक संपत्ति होने की जांच

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देहरादून: आय से अधिक मामले में आईएएस रामविलास यादव को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। बता दें कि आईएएस यादव आय से अधिक मामले में निलंबित चल रहे थे। वो विसिजेंस के सामने पिछले ढाई साल से पेश नहीं हुए थे। बुधवार को वह पेश हुए और 13 घंटे की पूछताछ हुई। इस दौरान वह संतोषजनक जवाब नहीं पाए। रात दो बजे तक उनसे विसिजेंस ने पूछताछ की।

पूछताछ के बाद विसिजेंस ने द्वारा आईएएस यादव को कोर्ट में पेश किया गया। विजिलेंस की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर न्यायालय ने यादव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। न्यायालय परिसर से हिरासत में लेकर उन्हें सुद्धोवाला जेल ले जाया गया। हालांकि उनके वकीलों ने ज्यूडिशियल कस्टडी रिमांड (न्यायिक अभिरक्षा) का विरोध किया गया लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। आईएएस याद साल 2017 में उत्तराखंड आए और इसके बाद उनके खिलाफ जांच बैठी। उनपर यूपी के वक्त से भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे थे।

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आईएएस रामविलास यादव के जेल जाने के बाद उत्तराखंड का इतिहास बदल गया है। 22 साल में पहली बार कोई आईएएस ऑफिसर गिरफ्तार हुआ और जेल गया है। आईएएस रामविलास यादव 30 जून 2022 को रिटायर हो रहे हैं। बता दें कि शासन ने उन्हें निलंबित करने के आदेश भी जारी कर दिया। आदेश में यह भी कहा गया है कि पूछताछ में उन्होंने विसिजेंस को सहयोग नहीं किया।

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सतर्कता विभाग की टीम ने उनके देहरादून, लखनऊ, गाजीपुर समेत कई ठिकानों पर छापा मारा जहां उनके पास कथित रूप से आय से 500 गुना अधिक संपत्ति होने का पता चला। इस आधार पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

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