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उत्तराखंड: पिता ने बेटी को दिहाड़ी मजदूरी करके पढ़ाया, नेहा ने टॉप मारकर दिया तोहफा


देहरादून: उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट में शामिल होने वाले बच्चों को शिक्षा विभाग द्वारा सम्मान दिया जाएगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने घोषणा कर दी है। विद्यालयी शिक्षा बोर्ड की परिषदीय परीक्षा-2023 की प्रवीणता सूची में टॉप-25 स्थान प्राप्त करने वाले 467 मेधावी छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित सम्मान समारोह में सम्मानित किया जायेगा। जिसमें हाईस्कूल के 337 जबकि इंटरमीडिएट के 130 छात्र-छात्राएं शामिल होंगी। 

उत्तराखंड बोर्ड के नतीजे जारी हुए कई दिन हो गए हैं लेकिन अभी भी युवाओं की कहानियों का सिलसिला खत्म नहीं हो रहा है। आज हम आपकों देहरादून की नेहा प्रजापति की कहानी बताएंगे। आर्थिक तंगी से जग लड़कर नेहा ने 92.60 अंक प्राप्त कर उत्तराखंड मेरिट में 24वीं जगह बनाई। नेहा गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्रा थी। उनका परिवार नेश्विला रोड स्थित बद्रीनाथ कॉलोनी में रहता है।

नेहा के पिता का नाम उमेश प्रजापति हैं जो दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। जबकि मां मालती देवी गृहणी हैं। नेहा का एक भाई भी है। पूरा परिवार एक कमरे में ही रहता है। उनके पिता की मजदूरी से ही घर चलता है। उन्होंने ये भी बताया कि पिता को जब काम नहीं मिलता है तो घर के हालात खराब हो जाते हैं। नेहा का सपना है कि वह अकांउट के क्षेत्र में करियर बनाए लेकिन आर्थिक तंगी उनके करियर के बीच में आ रही है। उनका कहना है कि घर के हालात देखकर बड़े कॉलेज में प्रवेश लेना का सोच भी नहीं सकती। उन्हें उम्मीद है कि पढ़ाई के लिए उन्हें कही से सहयोग मिलेगा।

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