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एंबुलेंस सेवा कर्मियों ने बचाई जिंदगी, चौंरीखाल निवासी महिला ने बीच रास्ते में ही दिया बच्चों को जन्म


एंबुलेंस सेवा कर्मियों ने बचाई जिंदगी, चौंरीखाल निवासी महिला ने बीच रास्ते में ही दिया बच्चों को जन्म

टिहरी: इसे गर्भवती महिला की हिम्मत कह लीजिए या फिर 108 एंबुलेंस सेवा कर्मियों की सूझबूझ कि महिला ने तीन बच्चों को जन्म दिया। पहले सड़क से आधा किमी गांव में अपने घर पर एक बच्चे व बाद में अस्पताल जाते वक्त एंबुलेंस में महिला का सुरक्षित प्रसव हो सका। अब बच्चे भी स्वस्थ हैं और अपनी मां के साथ श्रीनगर बेस अस्पताल में भर्ती कराए गए थे।

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देखा जाए तो गांवों में चिकित्सकीय सुविधाओं को बेहतर ना होना गर्भवती महिलाओं के लिए कई बार मुसीबत बना है। मगर इस बार भगवान का लाख लाख शुक्र है कि ऐसा नहीं हुआ। दरअसल टिहरी के कीर्तिनगर क्षेत्र के बडियारगढ़ क्षेत्र के चौंरीखाल निवासी गर्भवती महिला अंजू देवी को बीते दिनों रात लगभग दस बजे प्रसव पीड़ा हुई।

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इसके बाद फौरन ग्रामीणों ने सक्रिय भूमिका निभानी शुरू कर दी। सबसे पहले 108 सेवा को फोन कर सूचित किया गया। बता दें कि एंबुलेंस रात सवा 11 बजे गांव के बाहर सड़क के पास पहुंची। एंबुलेंस में कार्यरत फार्मासिस्ट हिमांशु रावल व चालक महेंद्र गांव पहुंचे।

महिला के घर में जाकर देखा तो वह पहले ही एक बेटी को जन्म दे चुकी थी। हिमांशु ने फौरन नवजात को दवा देते हुए महिला को अस्पताल ले जाने की बात कही। एक तो सड़क आधा किमी दूरी पर थी और दूसरा गांव में रात को लाइट भी नहीं थी। स्वजन मोबाइल फोन की रौशनी में महिला को चारपाई पर लेकर एंबुलेंस तक पहुंचे।

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फिर यहां से श्रीनगर बेस अस्पताल के लिए रवाना हुए। मगर एंबुलेंस सात किमी आगे चलकर चिलेड़ी गांव के पास पहुंची तो महिला ने एंबुलेंस में ही दो बच्चों को जन्म दे दिया। इस सुरक्षित प्रसव में एंबुलेंस कर्मचारियों की सूझबूझ भी सराहनीय बताई जा रही है। बहरहाल एंबुलेंस महिला को लेकर रात ढाई बजे श्रीनगर बेस अस्पताल पहुंची।

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फिलहाल महिला और उसके तीनों नवजात बच्चों की हालत ठीक है। 108 सेवा के प्रभारी रजत उनियाल के मुताबिक गांव पहुंचने में टीम ने देरी नहीं की। महिला और बच्चे फिलहाल सुरक्षित हैं। इधर, सीएमओ टिहरी गढ़वाल डा. संजय जैन ने 108 सेवा के कर्मचारियों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने बेहद सूझबूझ का काम किया है।

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