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गर्लफ्रेंड ने दिया धोखा लेकिन परिवार ने क्या बिगाड़ा था?


Bhimtal Suicide Case: Manas Joshi Bhimtal:

आज के समय भविष्य और करियर बनाने की होड़ में कई युवा ऐसे भी हैं जो अपने अनमोल जीवन के महत्त्व का अनुमान लगाने में असमर्थ हैं। परिवार के अतिरिक्त किसी अन्य से गहरे सम्बन्ध बन जाना स्वाभाविक है लेकिन वह सम्बन्ध अगर आपके जीवन पर संकट बनता नज़र आए तो वह सम्बन्ध आपको जीवन देने वाले आपके माता-पिता के लिए भी अवश्य संकट ही है। इस धरती पर जो भी अस्तित्व में हैं, या जो भी अस्तित्व में था, या जो भी अस्तित्व में आएगा उसे प्रभु की रचना बताया गया है लेकिन हम और हमारा यह जीवन हमसे ज़्यादा हमारे माता-पिता और उनके संस्कारों का कहा गया है। गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड जैसी मिथ्या के लिए अपने जीवन के साथ खिलवाड़ कर चुके भीमताल के PG में रहने वाले नौजवान के लिए दुःख होता है।

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भीमताल के निजी कॉलेज से ग्रैजुएशन कर रहे 23 वर्षीय मानस जोशी ने अपने हाथ की नस काट कर अपने जीवन के साथ-साथ इंसानी प्राणों और भावनाओं को भी ठेस पहुंचाई है। हाँ, उनके परिवार ने अपना बेटा ज़रूर खोया है और इस समय उनकी स्थिति दयनीय ज़रूर है लेकिन आज के समय पढ़ाई, करियर, संबंधों…. से भी ज़्यादा ज़रूरी है अपना अस्तित्व और उसे बचाने की शक्ति। सम्बन्ध चाहे कितना भी गहरा हो या तनाव कितना भी ज़्यादा, घुटने टेकना कायरता का परिचय है। घुटने के बल बैठे मनुष्य को चाहिए कि वो खड़ा होकर उस परिस्थिति का सहस जुटाकर सामना करे, क्षमा करने का या सजा देने का अधिकार कमाए और उस अधिकार का उपयोग करे। मानस चांदमारी लोहाघाट का निवासी था और भीमताल BSc अंतिम वर्ष की परीक्षा देने आया था।

थानाध्यक्ष जगदीप नेगी ने बताया कि मानस जोशी अपनी गर्लफ्रेंड के धोखा देने से परेशान चल रहा था। मेहरागांव में नीला सिंह के पीजी में रहने वाले मानस जोशी ने अपने दोस्त हिमांशु जोशी को देर रात वीडियो कॉल की थी। वीडियो कॉल में वह अपने हाथ की नस काटता दिखाई दे रहा था, जब मानस के दोस्त ने यह भयावह मंज़र वीडियो कॉल से देखा तो वह उसे बचाने उसके कमरे के लिए निकल पड़ा। मानस का दोस्त जब मानस के कमरे पर पहुँचा तो दरवाज़ा अंदर से बंद नहीं था लेकिन बाथरूम के एग्जॉस्ट फैन से रस्सी लगाकर झूलता हुआ मानस इस दुनिया से जा चूका था। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी मानस के दोस्त हिमांशु ने तुरंत 112 पर फ़ोन कर के दी, साथ ही 108 को भी फ़ोन लगाया जाने लगा। 108 से कोई प्रतिक्रिया प्राप्त ना होने पर पुलिस के आने का इंतज़ार किया गया। पुलिस ने आकर पूरी स्थिति का संज्ञान लिया और बॉडी को रस्सी से हटाकर अपनी आगे की कार्यवाही शुरू की।

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