Uttarakhand News

शर्मनाक आंकड़े,देवभूमि में सुरक्षित नहीं हैं बेटियां,हर साल 200 से ज़्यादा दुष्कर्म के मामले

Ad

हल्द्वानी: महिलाओं और बेटियों के लिए बेहतर समाज प्रदान करना हर व्यक्ति का कर्तव्य होना चाहिए। बहरहाल भारत देश में स्थिति गंभीर है। हर दिन ना जाने कितनी ही बेटियों को दुष्कर्म जैसे संकट का सामना करना पड़ता है। देवभूमि की बात करें तो, यहां भी दरिंदों ने माहौल खराब किया हुआ है। आरटीआई के मुताबिक उत्तराखंड में हर साल औसतन 208 रेप होते हैं।

ADVERTISEMENTS Ad

यह स्थिति जितनी गंभीर नज़र आती है, उससे कहीं ज़्यादा गंभीर है। दरअसल हल्द्वानी के तिकोनिया में रहने वाले हेमंत गौनिया ने पुलिस मुख्यालय से आरटीआई लगवाई थी। इस आरटीआई में उन्होंने राज्य बनने के बाद से यहां हुए दुष्कर्म संबंधी मामलों की जानकारी मांगी थी। रिपोर्ट के आंकड़े डराने वाले हैं।

यह भी पढ़ें: जनवरी के आखिर में उत्तराखंड पहुंच सकती है कोरोना वैक्सीन, दो लाख लोगों की सूची तैयार

यह भी पढ़ें: हल्द्वानी के डॉक्टर लाल पैथ लैब में नहीं होगी कोरोना जांच, DM ने रद्द किया लाइसेंस

आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार राज्य बनने के बाद से अब तक उत्तराखंड में दुष्कर्म के 3956 मामले सामने आए हैं। यानी हर साल लगभग 208 घटनाओं ने अंजाम लिया है। स्थिति तब और ज़्यादा गंभीर नज़र आती है जब यह मालूम पड़ता है कि यह मामले भी वो हैं जो पुलिस में दर्ज हैं। इसके अलावा कितने मामले तो ऐसे ही दब जाते हैं।

बहरहाल आंकड़ों का विश्लेषण करें तो साल दर साल दर साल का हाल समझ आता है। दुष्कर्म के सबसे कम (74) मामले 2001 में दर्ज हुए। जबकि सबसे ज़्यादा घटनाओं (561) ने 2018 में अंजाम लिया। सन 2001 के अलावा केवल 2008 में ही यह आंकड़ा 100 के पार नहीं गया। आपको बता दें कि पहाड़ी क्षेत्रों के बजाय मैदानी क्षेत्रों में ऐसी घटनाएं ज़्यादा हुई हैं। लेकिन पहले की तुलना में पहाड़ पर भी ग्राफ बढ़ा है।

ऐसे में यह बहुत गंभीर विषय है। इतनी ही नहीं आरटीआई में एसिड अटैक की भी जानकारी सामने आई है। जानकारी के अनुसार 2017 से 2019 के बीच महिलाओं पर एसिड फेंकने के लगभग सात मामले सामने आए।

यह भी पढ़ें: रुद्रप्रयाग भीषण सड़क हादसा,अनियंत्रित होकर गहरी नदी में गिरा ट्रक, चालक की मौके पर मौत

यह भी पढ़ें: साल के बदलने के साथ ही उत्तराखंड में बदला मौसम,बर्फबारी से खुश हुए सैलानी

यह भी पढ़ें: पास के बिना भारत और नेपाल के बीच आवाजाही की अनुमति नहीं, प्रशासन ने तैयार किया प्लान

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड आने वालों के लिए जरूरी खबर, नियम मत तोड़ना, हाईवे पर खड़ी है पुलिस

ADVERTISEMENTS Ad
To Top