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उत्तराखंड का अंशुल करेगा दुबई में भारत का प्रतिनिधित्व,MMA फाइट के लिए हुआ चयन

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देहरादून: राज्य भले ही पलायन की मार झेल रहा हो। सैंकड़ों लोग कम संसाधन होने की बात करते हैं लेकिन कुछ ऐसे होते हैं जो परेशानियों को पीछे छोड़ते हुए अपने सपनों को जीते हैं। इस रास्ते पर वो कुछ ऐसे भी देखते हैं कि जिसकी कल्पना भी नहीं कर सकता और यही चीज उन्हें दूसरों से अलग करती है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के भटवाड़ी गांव के रहने वाले अंशुल जुबली की कहानी कुछ ऐसी ही है।

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अंशुल का चयन मिक्सड मार्शल आर्ट फाइट के लिए हुआ है। वह दुबई में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। पिछले साल अंशुल ने मुंबई में एमएमए फाइट में गोल्ड मेडल जीता था और फिर में कई दिनों तक सुर्खियों में रह थे। दुबई में होने वाले टूर्नामेंट के लिए अंशुल खूब मेहनत कर रहे हैं। बच्चपन से मुक्केबाजी के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखने वाले के पिता का नाम रविंद्र जुबली और माता का नाम जगदंबा जुबली है। उनके पिता बीएसएफ में है। साल 2012 जुबली परिवार के लिए किसी पूरे सपने से कम नहीं रहा था। उत्तरकाशी में आई बाढ़ के चलते उनके परिवार को दून शिफ्ट होना पडा था।

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इतना सब होने के बाद भी अंशुल टूटे नहीं और अपनी ट्रेनिंग जारी रखी। इसके लिए उन्हें दिल्ली शिफ्ट होना बड़ा। दिल्ली में अंशुल युवा खिलाड़ियों को मार्शल आर्ट की कोचिंग दे रहे हैं। उनके भाई का कहना है कि मंगलवार को दुबई में एमएमए फाइट पर पूरे देश की निगाहे हैं। अंशुल के पास एक अच्छा मौका है और उसकी कोशिश है कि वह इसे भुना पाए। अंशुल की कहानी राज्य के युवाओं को सीख देते हैं कि संसाधन कम होने का बहाना बनाने से बेहतर है कि आप अपने सपनों के रास्ते पर चले। परिश्रम फल जरूर देगा और आप युवाओं के लिए उदाहरण बनेंगे।

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