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पिता हरीश रावत को 2017 चुनावों में मिली हार का बदला लेने मैदान पर उतरेंगी बेटी अनुपमा रावत


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हल्द्वानी: हमारा राज्य भले ही अन्य राज्यों के मुकाबले छोटा है। लेकिन यहां की राजनीति बहुत दिलचस्प है। खासकर विधानसभा चुनावों से पहले उत्तराखंड की राजनीति में बड़े-बड़े फेरबदल देखे जाते हैं। इस बार भी कई मौकों पर ऐसा देखा गया। बहरहाल अब विधानसभा चुनावों में प्रत्याशियों की तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। बता दें कि कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को लालकुआं से टिकट दिया है तो वहीं उनकी बेटी को हरिद्वार ग्रामीण सीट से मैदान पर उतारा गया है।

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आपको याद दिला दें कि साल 2017 के विधानसभा चुनावों में हरीश रावत ने 2 विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ा था। उन्हें दोनों ही सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था। इन सीटों में एक सीट हरिद्वार ग्रामीण सीट थी। हरिद्वार ग्रामीण से स्वामी यतिश्वरानंद ने हरीश रावत को 12278 वोटों के बड़े मार्जिन से हराया था। इसके अलावा उन्हें किच्छा विधानसभा सीट पर विधायक राजेश शुक्ला के हाथों शिकस्त मिली थी।

अब पिता हरीश रावत की एक हार तब बदला लेने का मौका उनकी बेटी अनुपमा रावत को दिया गया है। जी हां, पहले तो कि माना जा रहा था कि खुद हरीश रावत ही हरिद्वार ग्रामीण सीट से चुनाव लड़ेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कांग्रेस हाईकमान ने अनुपमा रावत को हरिद्वार ग्रामीण सीट से अपना प्रत्याशी घोषित किया है। बता दें कि अनुपमा रावत महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव हैं।

अनुपमा रावत की बात करें तो वह लक्सर और हरिद्वार ग्रामीण सीट पर सक्रिय थीं। 2017 के विधानसभा चुनाव में भी अनुपमा रावत ने अपने पिता हरीश रावत के चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली हुई थी। लेकिन इस बार अनुपमा रावत को ही हरिद्वार ग्रामीण सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। चुनाव के परिणाम 10 मार्च को घोषित होने हैं। तब ही यह पता लगेगा कि क्या अनुपमा रावत पिता की हार का बदला लेने में कामयाब होती है या नहीं।

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