
Corbett Tiger Reserve | Plastic Bottle Ban | Glass Bottle Initiative | Eco Tourism | Ramnagar News | Forest Conservation | Safari Tourism | Uttarakhand News | Sustainable Tourism | Corbett National Park : कार्बेट टाइगर रिजर्व को प्लास्टिक कचरे से मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब पार्क के पर्यटन क्षेत्रों में प्लास्टिक की पानी की बोतलों के इस्तेमाल को धीरे-धीरे बंद करने की तैयारी की जा रही है। इसकी जगह पर्यटकों को कांच की बोतलों में पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
कार्बेट प्रशासन इसके लिए बॉटलिंग प्लांट लगाने की योजना पर काम कर रहा है। शुरुआती चरण में एक केंद्रीय स्थान पर प्लांट स्थापित किया जाएगा…जहां कांच की बोतलों को साफ और सैनिटाइज करने के बाद उनमें पानी भरा जाएगा। इसके बाद ये बोतलें विभिन्न पर्यटन जोनों के प्रवेश द्वारों पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
योजना के तहत सफारी पर जाने वाले पर्यटकों को कांच की बोतलें दी जाएंगी और उनसे एक निश्चित राशि सुरक्षा जमा के रूप में ली जाएगी। सफारी से लौटने पर बोतल वापस करने पर यह राशि लौटा दी जाएगी। इससे जंगल में प्लास्टिक कचरा फैलने की समस्या को काफी हद तक रोका जा सकेगा।
कार्बेट के ढिकाला, बिजरानी, ढेला, झिरना, दुर्गादेवी और गिरिजा पर्यटन जोनों में हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। कई बार प्लास्टिक की खाली बोतलें जंगल या वन विश्राम गृहों के आसपास छोड़ दी जाती हैं, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है।
वहीं तराई पश्चिमी वन प्रभाग के फाटो पर्यटन जोन में भी इस सत्र से स्टील की बोतलों की व्यवस्था शुरू की जा रही है। यहां पर्यटकों को शुल्क लेकर स्टील की बोतलें उपलब्ध कराई जाएंगी…जिन्हें वापसी पर जमा कराया जाएगा।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य जंगलों को प्लास्टिक मुक्त बनाना है। साथ ही पर्यटन क्षेत्रों में आरओ आधारित पेयजल व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी…ताकि पर्यटक जरूरत पड़ने पर अपनी बोतलों में दोबारा पानी भर सकें।
इस नई व्यवस्था को अगले पर्यटन सत्र से लागू करने की तैयारी की जा रही है…जिससे कार्बेट में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।






