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इंतजार खत्म, हल्द्वानी बस स्टेशन से 192 दिनों बाद दिल्ली के लिए निकली रोडवेज बस


हल्द्वानी: JANTA CURFEW के बाद 30 सितंबर यानी 192 दिन बाद उत्तराखंड रोडवेज की बस ने हल्द्वानी से यात्रियों को सेवा देना शुरू कर दिया है। शायद ही किसी ने सोचा होगा कि एक बीमारी के चलते उत्तराखंड परिवहन निगम की बस के पहिये रुक जाएंगे। इन 6 महीनों में उत्तराखंड परिवहन के कर्मचारियों एक कोरोना वॉरियर्स के रूप में काम किया। उन्होंने दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को उनके घर पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाई। इस बीच उन्हें आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने अपने फर्ज को पहले रखा। पढ़ना जारी रखें…

उत्तराखंड सरकार अब धीरे-धीरे दूसरे राज्यों के लिए बसों का संचालन शुरू कर रही है। पहले उत्तर प्रदेश , हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के लिए 100 बसें चलाई जा रही है। बता दें कि कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए बसों का संचालन बंद था हालांकि राज्य के भीतर जून के आखिरी हफ्ते में सीमित बसों को चलाया गया था। दिल्ली जाने वाले यात्रियों को फिलहाल कौशांबी में उतारा जाएगा। वहीं, अभी तक कुमाऊं की बसों को राजधानी देहरादून जाने की परमिशन नहीं मिल सकी। ऐसे में ट्रेन से ही यात्री देहरादून पहुंच रहे हैं। पढ़ना जारी रखें…

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बुधवार को हल्द्वानी बस स्टेशन से सुबह छह बजे करीब पहली बस 32 सवारी लेकर निकली। दस बजे तक चार बसें दिल्ली रवाना हो चुकी थी। नैनीताल रीजन के सात अलग-अलग डिपो से कुल 29 बसों को दिल्ली भेजा जाएंगी। जिस वजह से सुबह से रोडवेज स्टेशन पर पहले जैसी हलचल देखने को मिली। नए नियम के मुताबिक क्षमता के हिसाब से ही सवारियां भरी जाएगी। आरएम यशपाल सिंह ने जानकारी दी कि रोडवेज तैयार हैं। यात्रियों की सुविधा व सुरक्षा प्राथमिकता रहेगी। पहले दिन हल्द्वानी डिपो की 6, काठगोदाम 10, भवाली 1, रानीखेत 1, अल्मोड़ा 1, रामनगर 5 और रुद्रपुर डिपो की पांच बसें दिल्ली रूट पर सवारियों को लेकर रवाना होंगी। पढ़ना जारी रखें…

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