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लालकुआं के बाद कालाढूंगी में भाजपा की मुश्किल, अब गजराज बिष्ट भी निर्दलीय लड़ेंगे चुनाव


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कालाढूंगी: विधानसभा चुनावों से पहले सबसे ज्यादा जद्दोजहद टिकट बंटवारे में होती है। इस बार भी भाजपा कांग्रेस में टिकट को लेकर लगातार बवाल हुए हैं। कालाढूंगी पर भी भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई है। टिकट ना मिलने से नाराज पूर्व मंडी परिषद अध्यक्ष गजराज सिंह बिष्ट ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कालाढूंगी सीट से नामांकन भी दाखिल कर दिया है।

बता दें कि लालकुआं की ही तरह कालाढूंगी सीट पर भी भारतीय जनता पार्टी सवालों के कठघरे में आकर खड़ी हो गई है। हालांकि कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत का विधायकी क्षेत्र होने के कारण कालाढूंगी सीट को भाजपा के लिए सेफ माना जाता है। लेकिन इस बार कालाढूंगी के विधायक बंशीधर भगत के लिए भी चुनौतियां कई सारी होने वाली हैं।

बता दें कि भाजपा ने कालाढूंगी सीट से निवर्तमान विधायक बंशीधर भगत को ही टिकट दिया था। इससे गजराज बिष्ट नाराज बताए जा रहे थे। अब गजराज बिष्ट ने निर्दलीय लड़ने का मन बना लिया है। उन्होंने कालाढूंगी विधानसभा के लिए नामांकन भी कर दिया है। उल्लेखनीय है कि गजराज बिष्ट लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं। वह काफी वक्त से टिकट की मांग कर रहे थे।

लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। कहना होगा कि गजराज बिष्ट के मैदान में उतरने से इस सीट के समीकरण काफी बदल गए हैं। जहां भाजपा ने बंशीधर भगत को टिकट दिया है तो वहीं कांग्रेस ने भी अंतिम क्षणों में महेश शर्मा को क्षेत्र की बागडोर सौंपी है। महेश शर्मा को भी जमीन से जुड़ा नेता माना जाता है। ऐसे में बंशीधर भगत के लिए मुश्किलें काफी हो सकती हैं। बता दें कि शुक्रवार को लालकुआं में भी भाजपा के बागी पवन चौहान ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया है।

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