उत्तराखंड पहुंची रेमडेसिविर की 3150 वायल,हल्द्वानी के इन अस्पतालों को मिली पहली खेप

हल्द्वानी: इस वक्त देश कोरोना वायरस से जूझ रहा है। दूसरी लहर खतरनाक है इसलिए इस बार कठिनाइयां ज़्यादा हैं। इस दफा ऑक्सीजन सिलेंडरों से लेकर रेमडेसिविर इंजेक्शनों की किल्लत आन पड़ी है। बहरहाल उत्तराखंड वालों को चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। क्योंकि शनिवार को ही राज्य भर में रेमडेसिविर की 3150 वायल पहुंच गई हैं।

इसमें से नैनीताल जिले के करीब छह अस्पतालों को कुल 750 वायल रेमडेसिविर इंजेक्शन मिले हैं। अगर इसमें नैनीताल नगर के बीडी पांडे अस्पताल को मिली 120 वायल को छोड़ दें तो बाकी की खेप हल्द्वानी के अस्पतालों को मिली है। बता दें कि डा. सुशीला तिवारी अस्पताल को 300, ब्रिजलाल अस्पताल को 60, बांबे अस्पताल को 48, नीलकंठ अस्पताल को 30 तथा बेस अस्पताल को 180 वायल मिले हैं।

इस इंजेक्शन को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हर कोरोना संक्रमित को इसे लगाना ज़रूरी नहीं होता। ना ही बिना सीनियर डॉक्टर की सलाह के इसे लगाना समझदारी होती है। एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी ने जानकारी दी कि ऐसे संक्रमित मरीज जो कि गंभीर हालत में हैं और ऑक्सीजन पर रखे गए हैं। उन्हें इसकी ज़रूरत होती है। हालांकि उन्हें भी यह इंजेक्शन डॉक्टर की सलाह से दिया जाता है। क्योंकि इसके दुष्प्रभाव भी हो जाते हैं।

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इधर दूसरी तरफ नैनीताल के जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर अहम बात ही। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने साफ किया कि किसी भी कोरोना मरीज को जूनियर डॉक्टर उक्त इंजेक्शन की सलाह नहीं दे सकते। इस के लिए केवल सीनियर डॉक्टर का सुझाव मायने रखेगा।

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