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हल्द्वानी की ममता जोशी को मिला खेल पुरस्कार, जिम्मेदारियों के बाद भी नहीं छोड़ा खेलना

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देहरादून: खेल विभाग की ओर से शुक्रवार को परेड ग्राउंड में आयोजित खेल पुरस्कार समारोह में सीएम धामी व खेल मंत्री ने कई राष्ट्रीय खिलाड़ियों व  प्रशिक्षकों को सम्मानित किया। उन्होंने इस दौरान कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। नैनीताल जिले के कई खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया और प्रोत्साहन राशि दी गई। इस लिस्ट में हल्द्वानी ऊंचापुल निवासी ममता जोशी पाठक भी शामिल रहीं।

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हल्द्वानी निवासी ममता जोशी के नाम कई राष्ट्रीय मेडल हैं। पिछले साल सिविल सर्विसेज में 100 मीटर दौड़ और लंबी कूद में उत्तराखंड को दो स्वर्ण पदक दिलाए थे। सिविल सर्विसेज में ऐसा पहली बार उत्तराखंड के किसी खिलाड़ी ने किया था। इससे पहले ममता पाठक ने कांस्य तथा रजत पदक हासिल किया था।

ममता जोशी पाठक कालाढूंगी जीआईसी की छात्रा रह चुकी हैं। वह अपने स्कूल के दिनों से ही तमाम नेशनल प्रतियोगिताओं में कामयाबी हासिल कर चुकी हैं। ममता जोशी पाठक बचपन से ही एक अच्छी एथलीट रही है। वह राजकीय इंटर कॉलेज पवलगढ़, ब्लॉक कोटाबाग, नैनीताल में PET के पद पर कार्यरत है। वह एक NIS कोच एथलेटिक्स भी हैं। आपको बता दें कि 2003 में वह NIS टॉपर भी रही थी।

ममता जोशी पाठक एक मां भी हैं। उनके पति उत्तराखंड पुलिस में कार्यरत हैं। शिक्षक के रूप में करियर और घर की जिम्मेदारियों को उन्होंने कभी अपने गेम पर हावी नहीं होने दिया। इसी का नतीजा है कि वह लगातार राष्ट्रीय खेलों में शिरकत करती रहीं और कामयाबी भी उन्हें मिलती रही। खिलाड़ी कभी भी एक दिन की मेहनत से नहीं चमकता है, इस पर डॉ. ममता जोशी पाठक ने कहा कि खिलाड़ी की दुनिया बाहर से अच्छी दिखती है लेकिन काफी कठिन होती है। बतौर खिलाड़ी फिटनेस बनाए रखना काफी अहम होता है और थोड़ी सी चूक बड़े टूर्नामेंट से बाहर कर सकती है। इन तमाम बातों का ध्यान रखना पड़ता है जो बिल्कुल भी आसान नहीं होता है। उन्होंने कहा कि कामयाबी हर वक्त आगे बढ़ने की ऊर्जा देती है और मैं युवाओं को भी यही टिप्स देती हूं।

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