पीएम मोदी ने कहा लॉकडाउन आखिरी विकल्प है, देश को इससे बचाना है

नई दिल्ली: कुछ देर पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत देश आज कोरोना के खिलाफ कठिन लड़ाई लड़ रहा है। बीते दिनों में सरकार ने कड़े फैसले जो लिए हैं, उनसे हालात सुधरेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि मेरा राज्य प्रशासन से आग्रह है कि वो श्रमिकों का भरोसा जगाए रखें, उनसे आग्रह करें कि वो जहां हैं, वहीं रहें। राज्यों द्वारा दिया गया ये भरोसा उनकी बहुत मदद करेगा कि वो जिस शहर में हैं वहीं पर अगले कुछ दिनों में वैक्सीन भी लगेगी और उनका काम भी बंद नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हमें देश को लॉकडाउन से बचाना है। मैं राज्यों से भी अनुरोध करूंगा कि वो लॉकडाउन को अंतिम विकल्प के रूप में ही इस्तेमाल करें। लॉकडाउन से बचने की भरपूर कोशिश करनी है। माइक्रो कन्टेनमेंट जोन पर ही ध्यान देना होगा।

पीएम मोदी ने कहा कि एक मई के बाद से, 18 वर्ष के ऊपर के किसी भी व्यक्ति को वैक्सीनेट किया जा सकेगा।भारत में जो वैक्सीन बनेगी, उसका आधा हिस्सा सीधे राज्यों और अस्पतालों को भी मिलेगा। कोरोना संकट में देश के अनेक हिस्से में ऑक्सीजन की डिमांड बहुत ज्यादा बढ़ी है। इस विषय पर तेजी से और पूरी संवेदनशीलता के साथ काम किया जा रहा है। केंद्र सरकार, राज्य सरकारें, प्राइवेट सेक्टर, सभी की पूरी कोशिश है कि हर मरीज को ऑक्सीजन मिले।

ऑक्सीजन प्रॉडक्शन और सप्लाई को बढ़ाने की कोशिश हम कर रहे हैं। राज्यों में नए ऑक्सीजन प्लांट्स हों, एक लाख नए सिलेंडर पहुंचाने हों, औद्योगिक इकाइयों में इस्तेमाल हो रही ऑक्सीजन का मेडिकल इस्तेमाल हो, ऑक्सीजन रेल हो, हर प्रयास किया जा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि जिन लोगों ने बीते दिनो में अपनो को खोया है, मैं सभी देशवासियों की तरफ़ से उनके प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूँ।

परिवार के एक सदस्य के रूप में, मैं आपके दुःख में शामिल हूं। चुनौती बड़ी है लेकिन हमें मिलकर अपने संकल्प, हौसले और तैयारी के साथ कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई जीतनी है। उन्होंने कहा कि दवा कंपनियों से हर तरह की मदद ली जा रही है। भारत में दुनिया की सबसे सस्ती वैक्सीन भारत के पास है।  हम धैर्य नहीं खोना चाहते हैं।कई राज्य ऑक्सीजन की तंगी का सामना कर रहे हैं, जिसके चलते इलाज पा रहे मरीजों की मौत हो रही है। कई राज्यों ने केंद्र से मदद करने की अपील की है।

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