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तिरंगे में लिपटकर घर पहुंचा शहीद विदेश, पार्थिव शरीर को देख मां और पत्नी बेसुध

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नई दिल्ली: देश के लिए एक और परिवार ने अपने बेटे को खोया। निरमंड की खरगा पंचायत के थरूवा गांव के रहने वाले विदेश ठाकुर किन्नौर में भारत-तिब्बत सीमा के साथ डोगरी नाले में हिमखंड में दबने से शहीद हो गए। उनका पार्थिव शरीर जब उनके घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। इस घटना के बाद पूरे गांव में कोहराम मचा हुआ है।

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विदेश की 7 साल पहले शादी हुई थी और उनकी कोई संतान नहीं थी इस बारे में अधिकतर लोग बात कर रहे हैं। विदेश का पार्थिन शरीर जैसे ही उनके घर पहुंचा तो पत्नी निंता देवी और माता पुष्पा देवी बेसुध हो गईं। पोते की मौत ने दादा केशू राम (90) को तोड़ दिया है और वो गहरे सदमे में है।

जानकारी के मुताबिक विदेश 20 फरवरी को सेना के छह जवानों के साथ हिमंखड में दब गए थे। उनका परिवार तब से उनकी सलामती की दुआ कर रहा था। विदेश का परिवार के अन्य सदस्य भी भारतीय सेना में सेवा दे चुके हैं। चाचा सुरेश कुमार 7 डोगरा रेजिमेंट से रिटायर हुए थे। वहीं बडे़ भाई दिनेश कुमार महार रेजिमेंट 6 बटालियन सियाचिन पर तैनात थे। वहां से एक माह पहले सेवानिवृत्त हुए हैं। परिवार में सबसे छोटे विदेश ठाकुर सबके लाडले थे। शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा। इस दौरान एडीएम कुल्लू, एसडीएम आनी चेत सिंह, तहसीलदार निरमंड नीरजा शर्मा, डीएसपी आनी तेजेंद्र वर्मा उन्हें श्रद्धाजंलि देने पहुंचे।

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