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हल्द्वानी में साढ़े नौ घंटे की बिजली कटौती से परेशान हुए लोग, दिनभर अफसरों को कोसते रहे

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हल्द्वानी: शहरवासियों ने बीता दिन किस तरह काटा है, ये शब्दों में बयान करना भी मुश्किल है। साढ़े नौ घंटे की बिजली कटौती से मानो पूरा शहर रुक सा गया था। लोग झल्ला रहे थे, बिजली विभाग से जुड़े लोगों को फोन कर रहे थे। मगर फिर भी कोई चारा नहीं निकल रहा था। वहीं बिजली के ना आने से जनता पानी की बूंद-बूंद को तरस गई।

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वाकई कुछ दिन बेहद खराब होते हैं। लेकिन पूरे शहर की जनता का दिन एक ही दिन खराब हो जाए, ये बहुत कम होता है। हल्द्वानी में ऐसा ही हुआ है। दरअसल मंगलवार को करीब साढ़े नौ घंटे तक शहर भर की बिजली गुल रही। शहर से सटे गांव तक में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

गौरतलब है कि बिजली कटौती की सूचना पहले दी गई थी। मगर पहले ये तय हुआ था कि केवल सात घंटे की बिजली कटौती होगी। लेकिन ढाई घंटा अतिरिक्त बिजली कटौती से ऊर्जा निगम के अफसरों की मनमानी देखने को मिली। सुबह 10 बजे की गई कटौती देर शाम 7:23 बजे बहाल हो सकी। बिजली गुल होने से करीब 90 हजार उपभोक्ता परेशान रहे।

मंगलवार को खासकर विद्युत वितरण खंड ग्रामीण क्षेत्र के कमलुवागांजा, कठघरिया, ट्रांसपोर्ट नगर, फूलचौड़ व फुटकुआं सब स्टेशन से पूर्व घोषित बिजली कटौती की गई। वहीं, शहरी क्षेत्र के हल्द्वानी व काठगोदाम सब स्टेशन से कटौती हुई। जो बिजली सुबह दस बजे से कटने के बाद शाम को पांच बजे आनी थी, वो शाम को साढ़े सात बजे घरों में पहुंची।

लोगों में इस कटौती से ऊर्जा निगम के खिलाफ काफी गुस्सा है। गौरतलब है कि लोगों के मोबाइल की चार्जिंग खत्म हो गई थी। साथ ही जिन घरों में इनवर्टर लगे हैं, उनकी भी बैटरियां खत्म हो गई थी। देर शाम तक घऱों में लाइट नहीं जलने से अंधेरा ही अंधेरा छा गया। बता दें कि बिजली ना आने से घरों की मोटर नहीं चली। जिस वजह से पानी की भी बड़ी किल्लत हो गई थी। सारा दिन जनता अफसरों को कोसने में लगी थी।

इधर, ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता दीनदयाल पांगती व डीएस बिष्ट ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कटौती सात घंटे की थी। इसकी सूचना पूर्व में जारी की थी। पिटकुल की ओर से लाइनों के सुधारीकरण व नया ट्रांसफार्मर लगाने के कारण बिजली आपूर्ति देरी से बहाल हुई। अफसरों का कहना है कि त्योहारी सीजन में आगे बिजली कटौती नहीं होगी। देखना होगा कि इस वायदे में कितनी सच्चाई है।

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