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दुनिया के लिए प्रेरणा हैं पिथौरागढ़ की बसंती देवी…प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में किया जिक्र


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पिथौरागढ़: देवभूमि के लिए एक और गर्व का मौका आया है। पिथौरागढ़ के छोटे से गांव बस्तड़ी की रहने वाली बसंती देवी का जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यक्रम मन की बात में किया है। बता दें पीएम मोदी ने पद्मश्री से सम्मानित की जाने वाली उत्तराखंड की बसंती देवी की सराहना की। रविवार को मन की बात में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पद्म पुरस्कार पाने वाले कई लोग ऐसे हैं जिनके बारे में हम नहीं जानते हैं।

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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यही लोग हमारे देश के अनसंग हैं। यही वह लोग हैं जिन्होंने सामान्य परिस्थितियों में असाधारण काम कर दिखाए हैं। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड की बसंती देवी का उदाहरण पेश किया। उन्होंने कहा जैसे कि उत्तराखंड की बसंती देवी को पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। बसंती देवी ने अपना पूरा जीवन कठिनाइयों के बीच गुजारा है।

पीएम मोदी ने बसंती देवी की कहानी अपने कार्यक्रम में बताइ। पीएम ने बताया कि कम उम्र में अपने पति को खोने के बाद वह आश्रम में रहती थीं। उन्होंने यहां रहकर अपना समय खाली नहीं जाने दिया। बल्कि नदियों को बचाने के लिए संघर्ष किया। पर्यावरण के लिए योगदान दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि बसंती देवी ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए भी पुरजोर प्रयास किए हैं।

उल्लेखनीय है कि पिथौरागढ़ के बस्तड़ी गांव की रहने वाली 60 वर्षीय बसंती देवी उत्तराखंड की प्रसिद्ध समाजसेविका हैं। यह वही महिला हैं जिन्होंने महिला सशक्तिकरण से लेकर पर्यावरण संरक्षण व नदियों को बचाने में अपना अमूल्य योगदान दिया है। बता दें बसंती देवी का विवाह 12 साल की उम्र में ही हो गया था। लेकिन 2 साल के बाद ही उनके पति का निधन हो गया।

इसके बाद बसंती देवी कौसानी में स्थित लक्ष्मी आश्रम में निवास करने लगीं। यहां पर रहकर उन्होंने कोसी नदी का संरक्षण करने और इसका अस्तित्व बचाने के लिए महिला समूह को इकट्ठा किया। बाद में इन के माध्यम से जंगल को बचाने की मुहिम पर निकल पड़ीं। वाकई में बसंती देवी जैसी महिलाएं हमारे समाज के लिए प्रेरणा है।

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