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उत्तरकाशी के शुभम रमोला वायु सेना में बने अफसर, कोचिंग के बिना पास की थी NDA परीक्षा


उत्तरकाशी के शुभम रमोला वायु सेना में बने अफसर, कोचिंग के बिना पास की थी NDA परीक्षा
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उत्तरकाशी: चाहे मुश्किलें जो भी हों, देवभूमि के युवाओं में देश सेवा करने के लिए सेना में जाने का अलग ही जज्बा है। इस बार सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाले उत्तरकाशी के छोटे से गांव के निवासी शुभम रमोला ने प्रदेश का नाम रौशन किया है। शुभम हैदराबाद में हुई पासिंग आउट परेड (Passing out parade) के बाद वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर बन गए हैं।

मूल रूप से उत्तरकाशी जनपद के चिन्यालीसौड़ ब्लॉक के बंधाण गांव में रहने वाले शुभम रमोला बतौर फाइटर पायलट इंडियन एयर फोर्स (Indian Air Force) का हिस्सा बन गए हैं। हैदराबाद की पासिंग आउट परेड में शुभम और उनके परिवार के साथ पूरे गांव के लिए खुशियों के पल आए हैं। शुभम के मेहनत का पता इस बात से लगाया जा सकता है कि बेटे ने एनडीए की परीक्षा भी बिना किसी कोचिंग के पास की थी।

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दरअसल शुभम ने इंटर तक की पढ़ाई दिल्ली से की है। हालांकि वर्तमान में उनका परिवार दिल्ली में रहता है। लेकिन परिवार के जड़ें हमेशा से गांव से जुड़ी रही हैं। शुभम के पिता हरीश चंद्र रमोला प्राइवेट जॉब (Private Job) करते हैं। जबकि उनकी माता सावित्रि रमोला गृहणी हैं। शुभम की पढ़ाई की बात करें तो उन्होंने इंटर के बाद बीएससी की।

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इसी दौरान उनके एक दोस्त ने एनडीए (National Defence Academy) का फॉर्म भरा तो शुभम को भी परीक्षा देने का मन हुआ। उन्होंने बिना किसी कोचिंग के खुद ही तैयारी की। 2017 में शुभम ने एनडीए परीक्षा पास कर ली। पुणे में एनडीए की पढ़ाई के बाद शुभम को एयर फोर्स का हिस्सा बनने का मौका मिला। अब शुभम फ्लाइंग ऑफिसर बन गए हैं। उन्हें दो जनवरी को वह कर्नाटक के बीदर एयर फोर्स स्टेशन में ड्यूटी ज्वाइन करनी है।

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यहां अंतिम चरण की डेढ़ साल की कठिन ट्रेनिंग भी शुभम को पूरी करनी होगी। साधारण परिवार में जन्मे शुभम ने कई सारे युवाओं को देश सेवा करने के लिए प्रेरित किया है। पिता हरीश चंद्र रमोला कहते हैं कि शुभम की पढ़ाई में एकाग्रता (concentration) कभी नहीं भटकी। उन्होंने कहा गर्व की बात है कि बेटा देश की रक्षा करेगा।

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