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बधाई हो सर, Team India के कोच पिथौरागढ़ निवासी भाष्कर भट्ट को मिलेगा द्रोणाचार्य अवार्ड

बधाई हो सर, Team India के कोच पिथौरागढ़ निवासी भाष्कर भट्ट को मिलेगा द्रोणाचार्य अवार्ड
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पिथौरागढ़: किसी भी खेल में जितना अहम खिलाड़ियों का प्रदर्शन होता है। उतना ही अहम पर्दे के पीछे से कोच या प्रशिक्षकों की मेहनत होती है। इसी मेहनत का फल पिथौरागढ़ निवासी भाष्कर भट्ट को मिला है। वर्तमान में भारतीय महिला बॉक्सिंग टीम के कोच भाष्कर को द्रोणाचार्य लाइफटाइम अवार्ड ने नवाजा जाएगा। गौरतलब है कि भाष्कर देश को एक से एक बॉक्सर दे चुके हैं।

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खेल मंत्रालय की तरफ से कई सारे अवार्ड की घोषणा की गई है। उत्तराखंड के लिए दोहरी खुशी की खबर है। एक तरफ जहां हरिद्वार निवासी वंदना कटारिया को अर्जुन अवार्ड के लिए चुना गया है। वहीं भारतीय पुरुष बॉक्सिंग टीम से लेकर कई अंतर्राष्ट्रीय वर्गों को कोचिंग दे चुके भाष्कर भट्ट को प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य सम्मान के लिए चुना गया है।

प्राइमरी शिक्षा नखरोड़ा गांव के नखनोली प्राइमरी पाठशाला में प्राथमिक शिक्षा ग्रहण करने के बाद भाष्कर भट्ट ने कक्षा सात से नौ तक एमआईसी से और 10वीं, 11वीं रुड़की से पढ़ाई की। माता बसंती देवी और पिता डॉ. टीका राम भट्ट के प्रोत्साहन से भाष्कर भट्ट को बॉक्सिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ने का रास्ता मिला। साल 1974 में भाष्कर की मुलाकात कोच हरी सिंह थापा से हुई। जिनसे उन्होंने बारीकियां सीखीं और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

खेल में आगे बढ़ने के साथ साथ उन्होंने इंटर जीआईसी पिथौरागढ़ से और पिथौरागढ़ महाविद्यालय से बीकॉम और एमए इकोनोमिक्स में किया। बीएड करने के बाद 1988-89 में पटियाला से एनआईएस किया। बता दें कि कोच बनने से पहले भाष्कर खुद तीन राष्ट्रीय पदक, दो बार ऑल इंडिया विवि चैंपियन और पांच बार स्टेट चैंपियन रह चुके हैं।

हालांकि इसके बाद उन्होंने कोचिंग के रास्ते पर आगे बढ़ना ही बेहतर समझा। उनके प्रशिक्षण में खिलाड़ी काफी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। भाष्कर अभी तक देश को कई बॉक्सिंग के खिलाड़ी दे चुके हैं। बतौर कोच भाष्कर भट्ट की उपलब्धियों में जुलाई 2018 सरबिया हुई 35वीं गोल्डन ग्ल्ब्ज अंतरराष्ट्रीय यूथ बालिकाओं की बॉक्सिंग प्रतियोगिता शामिल हैं।

इसके बाद भाष्कर भट्ट ने 25 से 29 सितंबर 2019 तक 28 वीं पैरूग्वे में हुई जूलियस टोरमा मेमोरियल इंटरनेशनल बॉक्सिंग प्रतियोगिता मुख्य प्रशिक्षक के रूप में प्रतिभाग किया था। जिसमें भारतीय टीम ने तीन स्वर्ण, दो सिल्वर और पांच कॉस्य पदक प्राप्त किए थे। 10 से 24 अप्रैल 2021 तक किल्से, पोलैंड में हुई यूथ मैन एंड वूमैन बॉक्सिंग प्रतियोगिता में भारतीय यूथ महिला टीम ने उनके नेतृत्व में सात स्वर्ण, तीन कांस्य पदक जीते।

भाष्कर चंद्र भट्ट ने द्रोणाचार्य अवॉर्ड मिलने पर खुशी जताई है। साथ ही उन्होंने कहा है यह लंबा सफऱ हर किसी के साथ से मुकम्मल हुआ है। उन्होंने कहा कि वह बॉक्सिंग की प्रतिभाओं को तराशकर उनका हुनर निखारने का काम करते रहेंगे। भट्ट ने बताया कि उनके बड़े भाई धर्मेंद्र भट्ट की प्रेरणा से ही वो बॉक्सिंग के क्षेत्र में आए। गौरतलब है कि उत्तराखंड के लिए भी कोच भाष्कर भट्ट को अवार्ड मिलना गर्व की बात है।

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