Uttarakhand News

CM धामी का फरमान, सभी अधिकारियों को नहीं है मेरे काफिले में आने की जरूरत


जन्मदिन पर उत्तराखंड सीएम ने DGP को दिए निर्देश,मेरे काफिले से जनता को नहीं होनी चाहिए परेशानी

देहरादून: चुनाव सिर पर हैं और प्रदेश के मुख्यमंत्री पर जिम्मेदारियां भी बहुत हैं। ऐसे में लाजमी है कि विधानसभा चुनावों में ज्यादा ड्यूटी सीएम धामी की भी रहेगी। हर जिले में सीएम भ्रमण करेंगे तो उनके काफिले से ट्रैफिक प्लान भी हिलने की आशंकाएं हैं। मुख्यमंत्री का काफिला अमूमन तौर पर काफी बड़ा होता है। जिससे यातायात प्रभावित होता है। मगर सीएम धामी ने अब इस परेशानी को दूर कर दिया है। उन्होंने अपने काफिले को छोटा कर लिया है।

Ad

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फैसला किया है कि विभिन्न जिलों के दौरों के दौरान उनका काफिला पहले के मुकाबले छोटा रहेगा। अब इसमें सुरक्षा संबंधी वाहनों के अलावा केवल उन अधिकारियों के वाहन शामिल रहेंगे, जिनकी अधिक आवश्यकता होगी।

यह भी पढ़ें 👉  आप ने उत्तराखंड में जारी की प्रत्याशियों की पांचवी लिस्ट, कांग्रेस की बागी नेत्री को भी दिया टिकट

जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री धामी ने इस बारे में निर्देश दे दिए हैं। इसी क्रम में खुफिया विभाग ने भी सारे जिले के पुलिस कप्तानों को सर्कुलर जारी कर दिया हैं। जिसमें इस व्यवस्था का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। लाजमी है कि हाल ही में हुए सीएम के एक दौरे ने ट्रैफिक व्यवस्था की हालत खस्ता कर दी थी।

दरअसल सीएम धामी मंगलवार को ऊधमसिंह नगर जिले के दौरे पर थे। इस दौरान उनके काफिले में एक दर्जन से भी अधिक वाहन शामिल हो गए। गौरतलब है कि इससे ट्रैफिक प्लान फेल हो गया। आमजनों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मुख्यमंत्री ने इस घटना के बाद अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

यह भी पढ़ें 👉  भाजपा ने काटा कुमाऊं के दो सीटिंग विधायकों का टिकट, नए चेहरों को मिली जिम्मेदारी

निर्देश ये दिए हैं कि जिन अधिकारियों की जरूरत न हो, उन्हें आमंत्रित ना किया जाए। सीएम के मुताबिक अच्छा यही है कि वे कार्यक्रम में ना आकर अपने क्षेत्रों में रहकर ही जनहित और विकास कार्यों पर ध्यान दें। इससे यातायात भी प्रभावित नहीं होगा। साथ ही क्षेत्र के कार्यों में भी देरी नहीं होगी।

बता दें कि मुख्यमंत्री के काफिले में अधिकतम चार से पांच वाहन शामिल होते हैं। जिसमें सुरक्षाकर्मियों के अलावा सीएमओ ऑफिस के अधिकारियों के वाहन होते हैं। जिला भ्रमण होता है तो कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के वाहन भी काफिले में शामिल हो जाते हैं।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में भाजपा को झटका, विधायक ने किया निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान

अब आमजनों को काफिले से होने वाली परेशानी और यातायात व्यवस्था के मद्देनजर सीएम धामी ने फैसला कर लिया है। मुख्यमंत्री ने जिला भ्रमण कार्यक्रम के दौरान काफिला छोटा ही रखने का निर्णय लिया है। उनके निर्देशों के क्रम में अब सभी जिलों में यह व्यवस्था सुनिश्चित भी कर दी गई है। अब आगे जो भी दौरे होंगे, उनमें सीएम धामी का काफिला छोटा रहेगा।

To Top