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उत्तराखंड : विदेशी कॉकरोच ने बढ़ाई टेंशन, घरों के सोफे और बेड में बना रहे कॉलोनी

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Dehradun News | Cockroach Attack | Pest Control | Brown Banded Cockroach | Health News : राजधानी देहरादून और आसपास के इलाकों में अब एक नए तरह के कॉकरोच ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। अमेरिकन और जर्मन कॉकरोच के बाद अब ब्राउन बैंडेड कॉकरोच तेजी से घरों में फैल रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह कॉकरोच बेडरूम, सोफा, बेड और फ्रिज जैसी जगहों पर अपनी कॉलोनी बना रहे हैं।

पेस्ट कंट्रोल विशेषज्ञों का कहना है कि देहरादून का लगभग 10 महीने तक रहने वाला गर्म और नम मौसम इन कॉकरोच के लिए बेहद अनुकूल साबित हो रहा है। यही वजह है कि बीते कुछ वर्षों में इनकी संख्या तेजी से बढ़ी है।

विशेषज्ञ सूरज कुमार के मुताबिक ब्राउन बैंडेड कॉकरोच आकार में छोटे होते हैं और इनके शरीर पर भूरे रंग की धारियां दिखाई देती हैं। यह आमतौर पर 22 से 33 डिग्री सेल्सियस तापमान वाले स्थानों पर ज्यादा सक्रिय रहते हैं। खास बात यह है कि यह रसोई के बजाय बेडरूम, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक सामान के आसपास ज्यादा पाए जाते हैं।

पेस्ट कंट्रोल एजेंसियों का कहना है कि इन कॉकरोच को खत्म करने के लिए अब अलग तरह के पेस्टीसाइड और नई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। ध्यान रखा जाता है कि इस्तेमाल होने वाली दवाओं की गंध कम हो और लोगों की सेहत पर उसका बुरा असर न पड़े।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कॉकरोच मूल रूप से ब्रिटेन और आयरलैंड जैसे देशों में पाए जाते हैं। आशंका जताई जा रही है कि यह किसी विदेशी सामान या यात्रा के जरिए वर्षों पहले यहां पहुंचे होंगे।

देहरादून में पेस्ट कंट्रोल का कारोबार भी तेजी से बढ़ रहा है। शहर में 32 लाइसेंस प्राप्त पेस्ट कंट्रोल एजेंसियां काम कर रही हैं…जबकि 400 से ज्यादा एजेंसियां बिना लाइसेंस के संचालित हो रही हैं। अनुमान है कि देहरादून में हर साल कीट नियंत्रण पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च होते हैं…जिसमें लगभग 10 करोड़ रुपये सिर्फ कॉकरोच खत्म करने पर खर्च किए जाते हैं।

इंडियन पेस्ट कंट्रोल एसोसिएशन के अनुसार पूरे देश में पेस्ट कंट्रोल का बाजार करीब 6000 करोड़ रुपये का है। इसमें कॉकरोच नियंत्रण पर ही ढाई से तीन हजार करोड़ रुपये तक खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।

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