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उत्तराखंड के दो विधायकों ने धामी के सिर बांधा जीत का सेहरा, बोले उनके लिए सीट छोड़ देंगे…

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चंपावत: प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने अपनी सरकार तो आराम से बना ली है। लेकिन मुख्यमंत्री तय करने में भाजपा के पसीने छूट सकते हैं। दरअसल पुष्कर सिंह धामी खटीमा से चुनाव हार गए हैं। इसलिए भाजपा हाईकमान के सामने एक चैलेंज आ गया है। हालांकि इस बात से किनारा नहीं किया जा सकता कि धामी को दोबारा मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। इसी कड़ी में उत्तराखंड के दो विधायकों ने अपनी सीट छोड़ने की पेशकश भी कर दी है।

बता दें कि पुष्कर सिंह धामी को पिछले साल जुलाई में मुख्यमंत्री पद संभालने की जिम्मेदारी मिली थी। इस बार का विधानसभा चुनाव भी धामी के नेतृत्व में ही लड़ा गया था। गौरतलब है कि भाजपा ने प्रदेश में सरकार जरूर बनाई लेकिन पुष्कर सिंह धामी अपनी सीट बचाने में कामयाब नहीं हो सके। साल 2012 से खटीमा सीट के विधायक धामी को कांग्रेस के भुवन चंद्र कापड़ी से पराजय मिली है। जिसके बाद नया मुख्यमंत्री खोजने की चर्चाएं ज़ोर पकड़ने लगी हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार त्रिवेंद्र सिंह रावत, धन सिंह रावत, अजय भट्ट, रमेश पोखरियाल निशंक, सतपाल महाराज, अनिल बलूनी के साथ साथ सीएम बनने की रेस में पुष्कर सिंह धामी का नाम भी चल रहा है। जिसके लिए बकायदा बीजेपी के दो विधायकों ने अपनी सीट छोड़ने की बात भी कही है। चंपावत से भाजपा के विधायक कैलाश गहतोड़ी ने कहा है कि धामी के नेतृत्व में ही भाजपा ने सरकार बनाई है। उनके छह महीने की मेहनत ने भाजपा को जिताया है।

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कैलाश गहतोड़ी ने पुष्कर सिंह धामी का पक्ष लेते हुए उन्हें ही दोबारा सीएम बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा अगर वह सीएम बनते हैं तो मैं अपनी सीट छोड़ने के लिए तैयार हूं। वहीं जागेश्वर में चार बार के कांग्रेसी विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल को हराने वाले भाजपा विधायक मोहन सिंह मेहरा ने भी कहा कि पुष्कर सिंह धामी ने कम समय में बेहतरीन काम किया। जिसकी वजह से प्रदेश में भाजपा को बहुमत मिला है। उन्होंने धामी के खटीमा सीट हारने पर दुख जताया मगर उन्हें फिर सीएम बनाने की मांग की। मोहन मेहरा ने कहा कि धामी के दोबारा सीएम बनने की स्थिति में वह जागेश्वर सीट छोड़ सकते है।

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