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नाबालिग बहनों ने दो साल के भाई को उतारा मौत के घाट, यहां से मिली मदद

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हरिद्वार: पवित्रनगरी हरिद्वार से नकारात्मक घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही है। कुछ दिन पूर्व एक महिला ने अपने मासूम बच्चे को लेकर इसलिए मार दिया था क्योंकि वह दूध पीने के लिए परेशान करता था। महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस वारदात ने एक अन्य परिवार को बर्बाद कर दिया। दरअसल इस महिला की हरकत ने दो बहनों को अपने भाई को रास्ते से हटाने के लिए प्रेरित किया और उन्होंने उसे मार डाला।

ज्वालापुर क्षेत्र की लोधामंडी बस्ती में शुक्रवार को घर के अंदर सो रहा दो साल का बच्चा पूरब अचानक गायब हो गया था। सुबह करीब पांच बजे जब बच्चे की मां की आंख खुली तो बेटा वहां पर नहीं था। पास के इलाके में उन्होंने उसे खोजा लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली । इसके बाद परिवार पुलिस के पास पहुंचा और मामले की जानकारी दी। कोतवाली प्रभारी योगेश सिंह देव और रेल चौकी प्रभारी सुनील रावत घटनास्थल पर पहुंचे।

पुलिस ने दंपती से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली थी। पुलिस ने अपने जांच शुरू की और आखिरी में जब खुलासा किया तो सुनने वालों के पैरों तले जमीन ही खिसक गई। घर से गायब दो साल के मासूम पूरब की अपहरण और हत्या की स्क्रिप्ट सगी बहन और चचेरी बहन ने लिखी। उन्होंने पहले मासूम को दूध में नशीली गोलियां मिलाकर बेहोश किया और फिर गंगनहर में फेंक दिया। पुलिस पूछताछ में उन्होंने बताया कि माता-पिता के बाहर जाने के बाद भाई की देखभाल उन्हें करती पड़ती थी। वह इससे परेशान हो गए थे। कुछ दिन पूर्व हरिद्वार में महिला ने अपने बेटे को मारा था और इस घटना के बाद उन्होंने भाई को मारने का प्लान बनाया।

इससे पहले पुलिस जब उनके घर पहुंची तो दोनों किशोरियां एकदम नॉर्मल दिखीं, पर सीसीटीवी फुटेज ने दोनों के गुनाह की तस्वीर साफ कर दी। आखिर में दोनों को सच उगलना पड़ा। पुलिस के मुताबिक दोनों नाबालिग हैं, इसलिए उन्हें किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा। पूरब के पिता सोनू कुमार टायर पंचर का काम करते हैं। 

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