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उत्तराखण्ड में वैज्ञानिकों की अनूठी खोज, इस स्थिति में खुद रुक जाएगा वाहन

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हल्द्वानी: राज्य के वैज्ञानिकों ने एक ऐसे यंत्र का निर्माण किया है जिसकी मदद से कार की रफ्तार खुद हल्की हो सकती है। जी हां, अगर चालक नशे में हो या फिर उसे नींद आ रही हो तो इस स्थिति में यह यंत्र वाहन की रफ्तार को तेज होने से रोकेगा। यह यंत्र उत्तराखंड आवासीय विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने ग्राफीन (कार्बन का अपरूप) की मदद से बनाया है। इस उपकरण का प्रयोगशाला परीक्षण सफल हो चुका है। दो जून से आरआई स्ट्रूमेंट एंड इनोवेशन इंडिया कंपनी के सहयोग से इस उपकरण का उत्पादन शुरू होगा।

इन कंपनियों के साथ हुआ है करार- जापान भेजा जाएगा उपकरण

इस बारे में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एचएस धामी के बताया कि  होंडा और फोर्ड कंपनी के साथ हुए करार हुआ है। इसके तहत उपकरण को वाहनों में परीक्षण के लिए जापान भेजा जा रहा है।  दोनों कंपनियां इस डिवाइस को वाहनों में फिट करके फाइनल परीक्षण करेगी। इन कंपनियों से हरी झंडी मिलने के बाद मांग के अनुरूप इस डिवाइस का उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा। व्यावसायिक परीक्षण सफल हो जाने के बाद होंडा और फोर्ड कंपनियों के साथ अलग से करार किया जाएगा।

इस तरह  से काम करेगी ये डिवाइस

उन्होंने बताया कि डिवाइस एक तरह की सेंसर है जो चालक के नशे में होने, चालक को नींद आने और वाहन की एक सीमा से ज्यादा गति होने पर करंट रोक देगी और वाहन का इंजन बंद हो जाएगा। इस डिवाइस को तैयार करने में ग्राफीन का उपयोग किया गया है। विश्वविद्यालय ग्राफीन पर काम कर रहा है और ग्राफीन की मदद से ही पहले ब्रीथ एनालाइजर भी तैयार किया गया है। इस उपकरण से सड़क हादसों की संख्या भी कम हो सकेगी।

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