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रिकवरी रेट 90 प्रतिशत होने तक दूसरे राज्यों के लिए नहीं चलेगी उत्तराखंड रोडवेज बस

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तीन राज्यों के लिए नहीं चलेंगी उत्तराखंड रोडवेज बसें,राज्य में भी नहीं होगी ENTRY

देहरादूनः राज्य में रोडवेज बसों का संचालन को लेकर लगातार अब अपेडट आ रहे हैं। कल ही हमने आपको बताया कि था सवारियों की संख्या में बढ़ोतरी होने के बाद किराया कम हो सकता है। जल्द इसपर फैसले लिया जाएगा। वहीं दूसरे राज्यों के लिए बसों का इंतजार करने वालों के लिए अहम खबर है। उत्तराखंड सरकार ने कोरोना को देखते हुए उत्तर प्रदेश समेत तीन राज्यों में परिवहन निगम की बसें न चलाने का फैसला लिया है। इसके अलावा इन राज्यों से भी फिलहाल उत्तराखंड के लिए बसें नहीं आएंगी। जब तक राज्य में कोरोना मरीजों के रिकवरी दर 90 फीसदी तक नहीं पहुंचती, तब तक इसे स्थगित ही रखा जाएगा।

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बता दें कि कुछ दिन पूर्व मुख्य सचिव ओमप्रकाश की अध्यक्षता में अंतर्राज्यीय बसों के संचालन की अनुमति को लेकर बैठक हुई। उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान परिवहन निगम राज्य सरकार से बसों के संचालन के लिए लगातार अनुमति मांग रहे हैं। लेकिन इस बात पर सहमति बनी कि कोरोना रोकथाम को लेकर उत्तराखंड की अन्य राज्यों से बेहतर स्थिति है। और अगर अंतर्राज्यीय बसों के संचालन की अनुमति दी जाती है, तो ऐसे में उत्तराखंड में कोरोना के मरीजों के बढ़ने की संभावना है।

ऐसी स्थिति में उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों को नुकसान उठाना पड़ेगा। मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने कहा कि राज्य में मौजूदा एसओपी के तहत अंतर्राज्यीय बसों का संचालन फिलहाल उचित नहीं है। राज्य में यदि कोरोना मरीजों की रिकवरी दर बेहतर होती है तो फिर इस पर फैसला लिया जाएगा। बता दें कि सरकार ने रोडवेज को 25 जून से राज्य में बस संचालन की अनुमति दे दी थी। लेकिन कोरोना माहामारी के चलते बसों में 50% सवारियां बैठाने की शर्त और किराया दो गुना करने से यात्री नदारद दिखे।

मुख्य सचिव ओमप्रकाश की अध्यक्षता में हुई बैठक में रोडवेज बसों में किराया कम करने पर सहमति बन गई है। बताया जा रहा है कि सरकार बसों में 75% सवारियां ले जाने की अनुमति देने जा रही है। अगर ऐसा होता है तो यात्रियों को पहले से कम रुपए खर्च करने होंगे। 26 अगस्त की कैबिनेट में इस प्रस्ताव को रखा जाएगा। सरकारी बसों के अलावा प्राइवेट बस सेवाएं जीएमओयू, टीजीएमओयू, केएमओयू और विश्वनाथ सेवा के साथ सिटी बस एवं विक्रम में आवाजाही करने वाले लोगों को भी काफी राहत मिल जाएगी।

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