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पहाड़ की होनहार छात्रा का कमाल, उत्तराखंड की सबसे खतरनाक परेशानी होगी सोल्व

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देहरादूनः उत्तराखंड में सड़क हादसों का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है। पहाड़ की सुदंर वादियों का सफर खौफनाक बनता जा रहा है। सड़क हादसों का मुख्य कारण यातायात के नियमों की अनदेखी करना होता है। रात के समय सामने से आ रही गाड़ी की हैड लाइट आंखों में पड़ने से भी कई बार सड़क हादसे होते हैं। गाड़ियो में हैड लाइट उपर नीचे करने का ऑप्शन होता है। लेकिन कई लोग इसका इस्तेमाल नही करते। ऐसे लोगों के लिए पौड़ी की छात्रा तितिषा ने एक शानदार मॉडल तैयार किया है।

बता दें कि इस मॉडल में लाइट डिपेंडेंट रेजिस्टेंस लगा है, जिससे सामने से आ रहे वाहन की हैड लाइट दूसरे वाहन पर पड़ते ही अपने आप धीमी हो जाती है। मतलब यह की चालक को हैड लाइट डिम करने की जरूरत नहीं पड़ती। ये काम लाइट डिपेंडेंट रेजिस्टेंस खुद करता है। तितिषा के इस मॉडल की शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने खूब तारीफ की। तितिषा एकेश्वर के राजकीय जूनियर हाईस्कूल रिग्वाड़ी में पढ़ती हैं। तितिषा का कहना है कि इस मॉडल में लाइट डिपेंडेंट रेजिस्टेंस यानि एलडीआर लगा है। मॉडल 20 मीटर की दूरी से काम करना शुरू कर देगा। एलडीआर पर जैसे ही तेज लाइट पड़ेगी, उसकी तीव्रता का पता चल जाएगा। इसके बाद एलडीआर लाइट कम करने के लिए मॉडल में लगे मास्टर सर्किट ऑर्डिनो को मैसेज भेजेगा। मास्टर सर्किट रिले मॉड्यूल को लाइट कम करने का सिग्नल देगा, इस तरह एलडीआर अपने आप ही लाइट कम कर देगा।

मॉडल को तैयार करने में 3 हजार का खर्च आया है। पहाड़ की होनहार छात्रा की ये खोज वाहन चालकों के लिए मददगार साबित हो सकती है। इससे पहाड़ में सड़क हादसे रोकने में कई हद तक मदद मिलेगी। वहीं तितिषा के इस शानदार कारनामे से परिवार और पूरा राज्य गर्व महसूस कर रहा है।

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