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डीएम दीपक रावत के जेल में छापे से हड़कंप और नप गया बंदीरक्षक, जानें पूरा मामला

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हरिद्वार: रुड़की स्थित उपकारागार में उस वक्त हड़कंप मच गया जब डीएम दीपक रावत अपनी टीम के साथ वहां अचानक चैकिंग के लिए पहुंच गए। छापेमारी में एक बंदीरक्षक के पास से एंड्रायड फोन बरामद हुआ जिसके बाद पूरे जेल प्रशासन की सांसे फूल गई। डीएम दीपक रावत ने डीएम ने जेल प्रशासन और बंदीरक्षक सुनील मिश्रा से जवाब मांगा तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं देने पर उन्होंने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने आदेश दिए हैं। इसके साथ आईजी जेल से बंदीरक्षक को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया है।

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खबर के अनुसार डीएम दीपक रावत बुधवार को कांवड़ पटरी मार्ग पर उत्तराखंड – यूपी बार्डर पर यूपी के अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण करने पहुंचे थे। इसके बाद वो अचानक रुड़की उपकारागार निरीक्षण करने पहुंच गए। डीएम की गाड़ी जेल में पहुंचते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम सीधे जेल के भीतर पहुंचे, जहां बंदीरक्षक सुनील मिश्रा की उन्होंने चेकिंग की। सुनील पास से एक एंड्रायड मोबाइल प्राप्त हुआ। उन्होंने इस बाबत बंदीरक्षक और जेलर से इस बाबत स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने तुंरत एक्शन लेते हुए बंदीरक्षक के खिलाफ FIR के निर्देश दिए और तत्काल सस्पेंड करते हुए विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है। डीएम दीपक रावत ने साफ किया कि जेल में किसी भी बंदीरक्षक को फोन रखने की अनुमति नहीं है और फोन होना गंभीर मामला है।उन्होंने जेलर जेपी द्विवेदी को बंदीरक्षक के खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं।

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