Uttar Pradesh

उत्तराखंड की सुषमा खर्कवाल बनीं लखनऊ की मेयर, दो लाख से ज्यादा मतों से मिली जीत

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देहरादून: नीमा भगत के बाद अब सुषमा खर्कवाल भी मेयर बनीं हैं। उत्तराखंड की दोनों बेटियों ने राजनीति में अपनी पहचान बनाई है। नीमा भगत साल 2017 में ईस्ट एमसीडी की मेयर बनी थी तो वहीं अब सुषमा खर्कवाल लखनऊ की मेयर बनी हैं, जिन्हें दो लाख से ज्यादा वोटों से जीत मिली है।

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पौड़ी गढ़वाल निवासी सुषमा खर्कवाल की हर कोई बात कर रहा है। सुषमा खर्कवाल लखनऊ की नई मेयर निर्वाचित हुई हैं। सुषमा ने सपा प्रत्याशी वंदना मिश्रा को 204161 मतों से के अंतर से हराया। सुषमा को कुल 502680 वोट मिले, जबकि सपा की वंदना मिश्रा को 298519 वोटों से संतोष करना पड़ा।

सुषमा कोई राजनीतिक परिवार से नहीं हैं बल्कि उन्होंने शून्य से मेयर तक का सफर तय किया है। गढ़वाल की बेटी सुषमा खर्कवाल के मेयर बनने पर उनके पौड़ी गढ़वाल स्थित मायके से लेकर ससुराल में खुशी का माहौल है। यमकेश्वर के भट्टगांव की रहे वाली सुषमा खर्कवाल का विवाह साल 1984 में दुगड्डा के कलढुंगा निवासी प्रेमलाल खर्कवाल के साथ हुआ।

उनका परिवार लंबे वक्त से लखनऊ रह रहा था। सुषमा तीन बहनों में सबसे छोटी हैं। उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई कोटद्वार की की थी। उनके पति सेना से रिटायर हुए थे। इसके बाद विधानसभा में सहायक मार्शल के पद पर भी तैनात रहे। सुषमा ने भाजपा के साथ अपनी राजनीति पारी की शुरुआत की और उन्हें करीब 35 साल हो गए हैं। सुषमा के पति सेना में थे और दो बच्चों की परवरिश के साथ उन्होंने समाजकार्यों को भी प्राथमिकता दी। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई के साथ भी काम किया है।

बता दें कि सुषमा खर्कवाल खाद्य रसद सलाहकार बोर्ड की सदस्य रह चुकी हैं। जबकि क्षेत्रीय रेल उपभोक्ता परामर्शदात्री समिति की सदस्य, सैनिक कल्याण बोर्ड की सदस्य और दूरसंचार निगम की जिला स्तरीय सदस्य भी रह चुकी हैं। वह भारतीय पर्वतीय महासभा की राष्ट्रीय प्रभारी भी हैं। 59 साल की सुषमा अब लखनऊ की नई मेयर बनी हैं। उनकी जीत के बाद लखनऊ के लोगों को भी विश्वास है कि वह शानदार काम करेगी। वहीं उत्तराखंड में बेटी के मेयर बनने का जश्न फिलहाल जारी है।

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