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वर्चुअल ट्रेनिंग को लेकर शिक्षक नाराज,कहा-हजारों की जान जोखिम में डाली जारी है

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वर्चुअल ट्रेनिंग को लेकर शिक्षक नाराज,कहा-हजारों की जान जोखिम में डाली जारी है

हल्द्वानीः कोरोना माहामारी के बीच राजकीय इंटर कॉलेजों के प्रवक्ताओं की वर्चुअल ट्रेनिंग कराए जाने को लेकर शिक्षक काफी नाराज हैं। उनका कहना है कि राज्य में लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामलों के बीच इस तरह की ट्रेनिंग आयोजित करवाकर हजारों शिक्षकों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। राजकीय शिक्षक संघ की कुमाऊं और गढ़वाल मंडल कार्यकारिणी ने स्थिति ठीक न होने तक इस तरह के कार्यक्रमों को न कराने की मांग उठाई है।

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बता दें कि एससीईआरटी की ओर से बीते दिनों एक आदेश जारी किया गया था। और इसमें कहा गया था कि राजकीय इंटर कॉलेजों में कार्यरत प्रवक्ताओं की वर्चुअल ट्रेनिंग 18 अगस्त से 12 सितंबर तक होगी। आदेश की जानकारी मिलने के बाद शिक्षकों की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गयी। राजकीय शिक्षक संघ कुमाऊं मंडल के मंत्री डॉ. कैलाश डोलिया का कहना है कि इन दिनों बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। और सभी को घर पर रहकर सुरक्षित रहने के आदेश सरकार द्वारा दिए जाते आ रहे हैं। और अब मानसून के वजह से यात्रा करना भी आसान नही होता। वहीं जिन स्कूलों के जरिए ये ट्रेनिंग कराई जानी है उनरी संख्या भी बहुत कम है।

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कैलाश डोलिया ने मांग उठाई की वर्चुअल ट्रेनिंग स्थिति सामान्य होने के बाद ही कराई जाए। वहीं मामले में गढ़वाल मंडल के उपाध्यक्ष बृजेश सिंह पंवार की ओर से संगठन की प्रान्त कार्यकारिणी को पत्र भेजा गया है। इसमे भी वर्चुअल ट्रेनिंग स्थिति सामान्य होने के बाद ही कराई जाने की मांग उठाई गई है।

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