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साल की बहुचर्चित फिल्म 12th फेल की कहानी, अल्मोड़ा की बेटी और दामाद के जीवन पर आधारित है फिल्म

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12th fail movie inspiration:- साल 2024 की शुरुआत में ही, थिएटर में रिलीज होने वाली ’12th फेल’ फिल्म ने दर्शकों का दिल जीत लिया है। यह फिल्म अब तक की बहुचर्चित फिल्मों की सूची में शुमार हो चुकी है। शायद ही कोई अब तक इस फिल्म के जादू से अछूता रहा हो। इस फिल्म की चर्चा में आने का मुख्य विषय एक सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही युवा के कड़े संघर्ष की सच्ची कहानी पर आधारित होना है। शायद यही कारण रहा कि, जिसने भी इस फिल्म को देखा वह भावुक हो उठा।

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इस फिल्म में दरअसल मनोज शर्मा नाम के युवक की कहानी दिखाई गई है, जो एक आईपीएस अधिकारी है। आईपीएस अधिकारी बनने से पहले मनोज पहली बार 12वीं में फेल हो जाता है लेकिन अपने कड़े संघर्ष और लगन के बलबूते पर सिविल सेवा की परीक्षा उत्तीर्ण कर बाद में वह एक आईपीएस अफसर बन जाता है। इस फ़िल्म में उनके संघर्षो को दिखाया गया है। इस फिल्म में उन परिस्थितियों का जिक्र किया गया है जो मनोज ने अपने सफर के दौरान देखी। इस फिल्म की एक मुख्य पात्र उनकी पत्नी ईस श्रद्धा जोशी भी रही जिसने उनका अंत तक साथ निभाया।

आपको बताते चलें कि यह पूरी फिल्म उत्तराखंड की बेटी और दामाद की वास्तविक जीवन पर आधारित फिल्म है। 12th फैल मूवी के हिट होने के बाद लोग आईपीएस मनोज शर्मा और आईएफएस अधिकारी श्रद्धा जोशी के बारे में जानने के लिए उन्हें गूगल पर सर्च कर रहे हैं।

श्रद्धा जोशी यूपीएससी 2007 बैच की भारतीय राजस्व सेवा की अधिकारी हैं। वे मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा की रहने वाली हैं तथा बॉटनी के प्रोफेसर गणेश जोशी की पुत्री हैं। इस फिल्म में दर्शाया गया है कि किस तरह श्रद्धा व मनोज की मुलाकात दिल्ली के मुखर्जी नगर में हुई और यह दोस्ती जीवन भर का साथ बन गई।

IRS श्रद्धा जोशी ने एक इंटरव्यू में बताया कि वे UPSC की तैयारी करने अल्‍मोड़ा से दिल्‍ली आई थी। यहां उन्होंने एक कोचिंग ज्‍वाइन की। जिस दिन पहली बार कोचिंग गई उसी दिन UPSC प्री का रिजल्‍ट आया था। IRS श्रद्धा जोशी आगे बताती हैं कि, तब वे मनोज कुमार शर्मा से पहली बार मिली थी। मनोज कुमार शर्मा ने उस वक्त बिना कोचिंग के यूपीएससी प्री पास की थी। इसके बावजूद वे उनसे बेहद सादगी से मिले और बात की। वह इसे एक चमत्‍कारिक अनुभव बताती हैं।

वहीं, मनोज कुमार शर्मा कहते हैं कि आईएएस कोचिंग में जब श्रद्धा उनसे यूपीएससी में हिंदी साहित्‍य के टिप्‍स लेने आई थीं तब उन्होंने श्रद्धा से उनका नाम पूछा था। उनको यह नाम बहुत अच्‍छा लगा था। दिल्‍ली में तैयारी करते हुए श्रद्धा जोशी का चयन उत्तराखण्ड में डिप्‍टी कलेक्‍टर के पद पर हुए था व मनोज शर्मा चौथे प्रयास में आईपीएस अफसर बने। फिर दोनों ने शादी कर ली। शादी के बाद श्रद्धा जोशी ने फिर यूपीएससी की परीक्षा दी और इस बार आईआरएस बनीं। मनोज कुमार शर्मा मौजूदा दौर में महाराष्‍ट्र कैडर में UPSC 2005 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी हैं। वे मूलरूप से मध्‍य प्रदेश के मुरैना जिले की जोरा तहसील के गांव बिलगांव के रहने वाले हैं।

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