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पिता चलाते हैं ऑटो… बेटे दुर्गेश ने ISRO परीक्षा उतीर्ण कर परिवार का नाम रौशन कर दिया

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Motivation For Youth: ISRO YUWIKA Exam:

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हमारे देश भारत में करोड़ों देवी देवताओं की पूजा होती है। हम सभी उन्हीं देवों की संतानें। हमारे देवों का आशीर्वाद किसी पर भी कम ज़्यादा नहीं होता बल्कि सभी के भाग्य को समान रूप से स्पर्श करता है। सोचिए आपको कैसा लगेगा जब आप भगवान की प्रतिमा को देखकर शीश झुकाएं और फिर आँखें बंद कर लें। जब आँखें खोल कर दोबारा प्रतिमा की तरफ देखें तो स्वयं भगवान नज़र आएं? हाँ, जानता हूँ जितना ज़्यादा आश्चर्य होगा उतना ही कम विश्वास। लेकिन अब सोचिए कि सड़क पर ऑटो चलाने वाले का बेटा चाँद पर रॉकेट भेजने वाली ISRO की परीक्षा उत्तीर्ण कर ले और ISRO में प्रशिक्षण के लिए चयनित हो जाए तो? अगर गौर से समझा जाए तो इन दोनों उदाहरणों में कोई अंतर नहीं है। आज हम आपको सुपौल के छात्र दुर्गेश कुमार की ऐसी ही सफलता के बारे में बताएंगे।

दुर्गेश बिहार के मिथिला जिले में रहने वाला उत्तराखंड के छात्रों जैसा कक्षा 9 का एक सामान्य छात्र है। ISRO द्वारा आयोजित युवा विज्ञानी कार्यक्रम (YUVIKA) की परीक्षा उत्तीर्ण कर दुर्गेश ने अपने माता-पिता और क्षेत्र को ख़ुशी और आश्चर्य से गदगद कर दिया है। दुर्गेश के पिता राजकुमार चौधरी अपने परिवार की रोटी चलाने के लिए दिल्ली में ऑटो चलाते हैं। वो खुद ज़्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं फिर भी उन्होंने अपने बेटे से थोड़ी बहुत उम्मीदें लगा रखी थीं। थोड़ी-बहुत उम्मीदों को उनका बेटा आसमान से भी आगे चाँद तक ले जा सकता है उन्होंने यह नहीं सोचा था। दुर्गेश ने ISRO की इस परीक्षा में ऑल इंडिया 252वां स्थान प्राप्त किया है। बता दें कि इस परीक्षा में पूरे देशभर से केवल 350 बच्चों का चयन किया गया है।

दुर्गेश की माँ सरिता देवी बताती हैं कि हाई स्कूल के शिक्षक जितेंद्र कुमार ने ज़ब इसरो और इस परीक्षा के विषय में उन्हें बताया तो उन्होंने भी दुर्गेश को यह परीक्षा देने के लिए प्रेरित किया। पढ़ाई में अच्छी पकड़ रखने वाले दुर्गेश ने भी यह परीक्षा उत्तीर्ण कर ली। दुर्गेश ने बताया कि आगामी 12 से 24 मई के बीच बेंगलुरु के यूआर राव सेटेलाइट सेंटर में विशेष प्रशिक्षण के लिए उसे बुलाया गया है। दुर्गेश के पिता बताते हैं कि शिक्षा की कमी के कारण उन्होंने अपने जीवन में शादी के बाद भी कई समस्याओं का सामना किया। बेटे की इस सफलता पर राजकुमार चौधरी ख़ुशी से भरी नम आँखों से अपने बेटे के भाग्य में सभी प्रकार की खुशियों के आने की कामना करते हैं। साथ ही मिल रही सभी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद भी देते हैं।

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