Election Talks

कांग्रेस का साथ छोड़कर भाजपा ने शामिल हुए पूर्व सांसद, पार्टी दे सकती है एक टिकट

Ad

Loksabha Election 2024: Uttarpradesh Politics:

ADVERTISEMENTS Ad

प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र के पूर्व सांसद राजेश मिश्रा ने आज कांग्रेस का साथ छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए हैं। 2004 से 2009 तक वाराणसी से सांसद रहे राजेश मिश्रा ने अपना यह फैसला उत्तरप्रदेश में सपा और कांग्रेस का गठबंधन पक्का होने का बाद लिया है। बता दें कि कांग्रेस के पूर्व सांसद मिश्रा लम्बे समय से कांग्रेस नेतृत्व से नाराज़ नज़र आ रहे थे। अपनी नाराज़गी जताने के लिए राजेश मिश्रा ने पिछले ही महीने कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया था। कांग्रेस का साथ छोड़ चुके मिश्रा भाजपा की टिकट पर अब भदोही से 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में वाराणसी में हुए अभूतपूर्व विकास की प्रशंसा करते हुए कांग्रेस के पूर्व सांसद राजेश मिश्रा ने प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व प्राप्त होने को अपना और सभी का सौभाग्य बताया है। कांग्रेस पर वार करते हुए मिश्रा बोले कि उत्तरप्रदेश में कांग्रेस ने सपा के सामने घुटने टेक कर सरेंडर कर दिया है। भाजपा में शामिल हुए कांग्रेस के पूर्व सांसद का मानना है कि उत्तरप्रदेश कि सभी सीटों का बंटवारा सपा की अनुमति से हुआ है कांग्रेस अपना वर्चस्व खो चुकी है। जो सीटें उत्तरप्रदेश में कांग्रेस के हिस्से आई है उन सीटों में उनके पास ना तो कोई मजबूत प्रत्याशी है और नाही बूथ स्तर के कार्यकर्ता यह मानना भी कांग्रेस के पूर्व सांसद का ही है।

अपनी भारत जोड़ो न्याय यात्रा से देश की जनता का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करने की कोशिश में लगे राहुल गाँधी पर भी पूर्व सांसद राजेश मिश्रा ने बयान दिया है। भारत जोड़ो न्याय यात्रा में राहुल गाँधी द्वारा जनसामान्य, पत्रकारों और अपने समर्थकों की जाती पूछे जाने पर भी राजेश मिश्रा कहता हैं कि राहुल गांधी की यह यात्रा भारत जोड़ो कम और भारत तोड़ो यात्रा ज्यादा नज़र आ रही है। 2024 के चुनाव में अपना अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ रही कांग्रेस की मुश्किलें ख़त्म होती नज़र नहीं आ रही हैं। पहले ही कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता कांग्रेस का साथ छोड़ चुके हैं और राहुल गांधी की इस यात्रा के बीच भी कई बड़े-बड़े नेताओं ने कांग्रेस नेतृत्व से नाराज़ होकर पार्टी छोड़ दी है। सूत्रों से मिल रही खबर के अनुसार उत्तरप्रदेश के कई वरिष्ठ नेता भी जल्द कांग्रेस का साथ छोड़ सकते हैं।

ADVERTISEMENTS Ad
To Top