Election Talks

कई राज्यों में कांग्रेस के ही नेता नहीं लड़ना चाहते लोकसभा चुनाव, प्रियंका गाँधी और खरगे का नाम भी शामिल


Congress Candidates for Loksabha Elections: Loksabha election 2024 Update:

लोकसभा 2024 चुनाव के लिए कांग्रेस की तैयारियां और सक्रियता तो नज़र आ रही है लेकिन पिछले कुछ सालों में कांग्रेस पार्टी में आया बदलाव किसी से नहीं छिपा है। मोदी सरकार की विकसित भारत की विचारधारा से प्रभावित होकर तो कांग्रेस पार्टी के अनुसार ED CBI के डर से कई बड़े नेताओं ने कांग्रेस का साथ छोड़कर अन्य दलों से हाथ मिला लिया है। ऐसे में कैडर में सीमित बचे बड़े नामों में से कुछ नाम कांग्रेस 2024 लोकसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची में चाहती है। बता दें कि इनमें प्रियंका गाँधी, सचिन पायलट, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और भूपेंद्र हुड्डा जैसे कई नाम शामिल हैं।

उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली हार के बाद प्रियंका गांधी को पार्टी की सीमित जिम्मेदारी सौंप दी गई थी। ऐसे में वो ज़्यादा सक्रिय और बहुत सी जनसभाओं में नज़र नहीं आती हैं। इस बार भी राहुल गाँधी के उत्तरप्रदेश की अमेठी सीट से चुनाव ना लड़ने की जगह केरल की वायनाड सीट से चुनाव लड़ने की खबर आई थी। इसके बाद सपा के साथ हुए सीट समझौते में कांग्रेस को मिली उत्तरप्रदेश की 17 सीटों में से एक सीट पर पार्टी प्रियंका गांधी को चुनावी राण में उतारना चाहती है। राजस्थान से भी कांग्रेस ने सचिन पायलट के नाम पर भी मंथन किया लेकिन इस समय छत्तीसगढ़ के प्रभरी पद का दायित्व संभाल रहे पायलट लोकसभा चुनाव लड़ने से मना करे दें। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्त्तमान में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा भी पिछला लोकसभा चुनाव हार चुके हैं और इस बार वो विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं हालांकि उनके बेटे राजयसभा सांसद दीपेंद्र हूडा रोहतक से चुनाव लड़ने की तयारी में हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष और पिछला लोकसभा चुनाव हारने के बाद राज्यसभा सांसद बने मल्लिकार्जुन खरगे भी 2024 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। मल्लिकार्जुन खरगे के चुनाव ना लड़ने की वजह उनकी 80 से ज़्यादा की आयु बताई जा रही है। वहीं दूसरी तरफ भाजपा ने अपने उम्मीदवारों का चयन उनकी विश्वसनीयता और लोकप्रियता के आधार पर कर के पहली सूची में 195 नाम घोषित भी कर दिए हैं। वहीं सीट बंटवारे में मिली सीटों पर भी कांग्रेस अपने उम्मीदवार तय करने में संघर्ष करती नज़र आ रही है। बूथ स्तर के कार्यकर्ता और मज़बूत नेताओं की संख्या में संभावनाओं का अनुमान लगा रही कांग्रेस पार्टी कितनी जल्दी बड़े चेहरों को 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए मना लेती है यह देखना दिलचस्प होगा।

To Top