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चाय से होती है दिन की शुरुआत, क्या आपकों पता है किसने और कैसे दिया ये नाम ?

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नई दिल्ली: क्या आपकों पता है कि चाय को किसने खोजा था। अब चाय अधिकतर लोगों का अलार्म है यानी दिन की शुरुआत चाय के साथ होती है। चाय कई लोगों को ताजा करने का काम भी करती है। वहीं एक रिपोर्ट में भी सामने आया है कि 70 प्रतिशत भारतीय चाय का सेवन करते हैं। कई लोग कहता है कि चाय की शुरुआत भारत से हुई थी जब अंग्रेज यहां राज करते थे लेकिन ऐसा नहीं है। चाय की शुरुआत भारत में नहीं बल्कि चीन में हुई थी वो भी 5000 साल पहले। हालांकि अंग्रेजों ने भारत में अपने शासन काल के दौरान कुछ ऐसी नितियां बनाई जिसका लाभ चाय के कारोबार से जुड़े लोगों को हुआ। भारत साल 2006 तक दुनिया का सबसे बड़ा चाय उत्पादक बना रहा था।

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चीन से आई चाय, भारत में छा गई

चाय की शुरुआत चीन से हुई है। कहा जाता है कि चीन के शासक शेंग नुंग ने 2732 BC में चाय की खोज की थी।  और ऐसा गलती से हुआ था। बताया जाता है कि एक बार कुछ पत्तियां उनके उबलते पानी में जा गिरी। पत्तियों के खौलते ही पानी का रंग बदल गया और खूशबू आने लगी। उन्होंने उसे जब पिया तो उन्हें ताज़गी महसूस होने लगी। इसके बाद उन्होंने चाय का नाम चा.आ रख दिया, जिसका मतलब है खोज…

चाय की पत्तियों का इस्तेमाल भारत में होता तो था लेकिन उसकों नाम नहीं मिला था। अब अंग्रेज भारत आए तो उन्होंने इसके बारे में लोगों को बताया। गवर्नर जनरल लॉर्ड बैंटिक 1834 में जब भारत आए तो उन्होंने असम में देखा कि वहां के लोग चाय की पत्तियों के साथ उबालकर पानी पीते हैं जिसे वो दवाई की तरह इस्तेमाल करते थे। बैंटिक ने एक समिति बना कर असम के लोगो को चाय के बारे में जानकारी दी।  फिर किया था और भारत में चाय की एंट्री हो गई। 

साल 1835 में असम में चाय के बाग लगाए गए। भारत में सन 1881 में इंडियन टी एसोसिएशन बनाई गई।  इसके बाद चाय का व्यापार भारत में ही नहीं अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में भी फैल गया। अंग्रेज भारत में चाय उगाते थे और फिर विदेशों में बेचते थे।

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