National News

बड़ा ऐलान: एक साल से जारी किसान आंदोलन खत्म, 11 दिसंबर से होगी किसानों की घर वापसी


एक साल से जारी किसान आंदोलन खत्म, 11 दिसंबर से होगी किसानों की घर वापसी
Ad
Ad
Ad
Ad

नई दिल्ली: किसान आंदोलन (Farmer’s movement) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। किसानों ने मांगे पूरी होने पर आंदोलन खत्म करने का ऐलान कर दिया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने लंबी बैठक के बाद यह ऐलान किया। बता दें कि यह आंदोलन भारत सरकार (Government of India) द्वारा लागू किए गए तीन कृषि कानूनों को लेकर पिछले साल से चल रहा था।

पिछले साल 26 नवंबर से दिल्ली (Delhi) की सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर किसान डटे हुए थे। किसानों के रोष को देखते हुए मोदी सरकार ने बैकफुट पर आकर बीती 19 नवंबर को तीनों कृषि कानूनों की वापसी (Kisan laws taken back) का ऐलान किया था। इसके बाद किसानों की मांगे एमएसपी कानून (MSP Law) को लेकर थी। इस पर भी अब सरकार और किसानों में सहमति बन गई है।

यह भी पढ़ें 👉  स्वतंत्रता दिवस पर महबूबा मुफ्ती राष्ट्रीय ध्वज पर भड़की, कश्मीरियों को डराया गया है

बता दें कि ऐलान के मुताबिक 11 दिसंबर से दिल्ली बॉर्डर से किसान घर वापसी करेंगे। हालांकि किसान नेता (farmer leader) बलवीर राजेवाल के अनुसार 15 जनवरी को किसान मोर्चा की फिर बैठक होगी, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। उनका कहना है कि सरकार का कोई भी गलत कदम दोबारा से आंदोलन को जीवित कर सकता है।

यह भी पढ़ें 👉  स्वतंत्रता दिवस पर महबूबा मुफ्ती राष्ट्रीय ध्वज पर भड़की, कश्मीरियों को डराया गया है

संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा जारी बयान के अनुसार दिल्ली बॉर्डर से किसान 11 दिसंबर से हटने शुरू करेंगे। उसके बाद 13 दिसंबर को अमृतसर (Amritsar) में हरमिंदर साहिब पर मत्था टेकेंगे। वहीं, 15 दिसंबर से पंजाब के टोल प्लाजा (toll plaza) पर डटे हुए किसान भी हट जाएंगे। किसान नेताओं ने बताया कि सरकार से मिली चिठ्ठी से उनका सारा संशय दूर हो गया है।

चिट्ठी में लिखा है कि यूपी, उत्तराखंड (Uttarakhand), हिमाचल, मध्य प्रदेश और हरियाणा सरकार ने इसके लिए पूर्णतः सहमति दी है कि तत्काल प्रभाव से आंदोलन संबंधित मामलों को वापस लिया जाएगा। दिल्ली समेत सभी यूटी में दर्ज मामलों को भी वापस लिया जाएगा। मृत किसानों के परिवारों को मुआवजे के सिलसिले में भी किसानों से सरकार की बात हो गई है।

यह भी पढ़ें 👉  स्वतंत्रता दिवस पर महबूबा मुफ्ती राष्ट्रीय ध्वज पर भड़की, कश्मीरियों को डराया गया है

किसान नेता योगेंद्र यादव ने बताया कि देश में एमएसपी पर खरीदी की स्थिति को जारी रखा जाएगा। पराली पर जो 5 साल की सजा और 1 करोड़ जुर्माने के प्रावधान को रद्द कर दिया है और आपराधिक मुकदमे नहीं चलेंगे। इस मौके पर राकेश टिकैत ने सीडीएस जनरल समेत कुल 13 लोगों की मौत पर दुख जताया और कहा कि इस घड़ी में देश एक साथ है।

Join-WhatsApp-Group
To Top