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मुक्तेश्वर के मेजर खीम सिंह और देहरादून के मेजर ऋषभ को मिला सेना मेडल

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Nainital Success Story: Sena Medal:

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देवभूमि उत्तराखंड का साहस, शौर्य और पौरुष प्रत्यक्ष हैं इन्हें किसी भी प्रमाण की आवश्यकता नहीं है। उत्तराखंड की महान भूमि पर जितने देवता विराजमान हैं उनसे कई ज़्यादा भारत माता की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले रक्षक हैं। जिस तरह पूरा देश स्वर्ग कहे जाने वाले हमारे राज्य में विराजित सभी देवताओं के आगे सर झुकता है उसी तरह इन सभी वीर रक्षकों को भी नमन करता है। सेना में हर कार्य निस्वार्थ भाव और पूरी निष्ठा से किया जाता है और परिणाम भी अतिशय परितृप्त या विक्षुब्ध करने वाले होते हैं लेकिन भारत माँ के सभी वीर योद्धा कभी कदम पीछे नहीं खींचते। देवभूमि उत्तराखंड के ऐसे ही दो वीरों को मिले अभूतपूर्व और उच्चतर सम्मान सेना मेडल (वीरता) के बारे में हम आज आपको बताएंगे।

नैनीताल जिले के मुक्तेश्वर निवासी मेजर खीम सिंह एवं देहरादून के दून विहार निवासी मेजर ऋषभ सिंह को इंडियन मिलिट्री अकादमी (IMA) में आयोजित साउथ वेस्टर्न कमांड इंवेस्टिचर सेरेमनी में अदम्य साहस, निर्णय शक्ति एवं समर्पण का परिचय देने हेतु विभिन्न राज्यों के 10 सैन्य अधिकारियों को सेना मैडल (वीरता) से सम्मानित किया गया है।

मुक्तेश्वर निवासी मेजर खीम सिंह 55 राष्ट्रीय राइफल्स में कार्यरत हैं। आतंक प्रवृत्त क्षेत्रों में वर्ष 2020 में आठ सफल आतंकवाद विरोधी अभियानों का नेतृत्व कर चुके मेजर खीम सिंह 29 आतंकवादियों का अस्तित्व भारत भूमि से मिटा चुके हैं। इसके बाद 29 अप्रैल 2022 को पुलवामा में आतंकवादियों की अंधाधुंध गोलीबारी के बीच अपनी कंपनी को उस समय किसी भी प्रकार की क्षति से दूर रख कर मेजर खीम सिंह ने रूम इंटरवेंशन की कार्यवाही स्वेच्छा से पूरी कर के एक और आतंकवादी को मार कर अपनी कंपनी और हमारे देश की रक्षा कर देशभक्ति के चिरंतन भाव का प्रदर्शन भी किया।

इसके अलावा देहरादून के 3 राष्ट्रीय राइफल्स के मेजर ऋषभ नेगी ने मिली ख़ुफ़िया जानकारी के आधार पर काउंटर टेररिस्ट अभियान का नेतृत्व किया आतंकवादी की सटीक अवस्थिति का पता चलने तक उन्होंने इंतज़ार किया। अपनी टीम को जरुरी दिशानिर्देश देते हुए उन्होंने आगे की रानीति बनानी शुरू कर दी और फायर बेस भी स्थापित किया। आतंकवादीयों की पुष्टि होने पर ऑपरेशन शुरू हुआ तो सामने से भी रुक-रूककर गोलियां चलनी शुरू हो गई, सटीक रणनीति और ताल मेल से मेजर ऋषभ सिंह के नेतृत्व में उन सभी आतंकवादियों को भी मार दिया गया। हम सभी उत्तराखंड वासियों को अपने वीरों की देशभक्ति, साहस और वीरता पर गर्व है और यही भावना सभी युवाओं के लिए प्रेरणा भी है। मेजर खीम सिंह, मेजर ऋषभ सिंह और सभी सेना मैडल से सम्मानित सैन्य अधिकारों को हमारी तरफ से भी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

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