Chamoli News

उत्तराखंड की चैंपियन बिटियां का दर्द, नौकरी कब मिलेगी…मैनें तो अपना काम किया है

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देहरादून: इंटरनेट पर मानसी नेगी नाम खूब वायरल हो रहा है। उत्तराखंड के चमोली जिले की बेटी ने तमिलनाडु में कमाल कर दिखाया है। मानसी नेगी ने गोल्ड मेडल हासिल किया है। उत्तराखंड की मानसी नेगी 82वीं आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी एथेलेटिक्स प्रतियोगिता में आयोजित हुई 20 किमी वाक रेस की विजेता बनी है। मानसी ने 20 किमी की दौड़ को एक घंटा 41 मिनट में पूरा किया। उनके इस प्रदर्शन ने स्टेडियम में मौजूद सभी का दिल जीता है। यह प्रतियोगिता तमिलनाडु की फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में हुई।

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मानसी नेगी चमोली के गांव मझोठी की रहने वाली हैं। उन्होंने इससे पहले भी राज्य का नाम रौशन किया है। इससे पहले उन्होंने 37वें नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 10 कि.मी. रेस वाक में नेशनल रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता था। वहीं खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में बीस किलोमीटर रेस वॉकिंग में ब्रॉन्ज मैडल प्राप्त किया था। मानसी नेगी अपनी कामयाबी और लोगों की बधाई से तो खुश हैं लेकिन उन्हें नौकरी की दरकार है। मानसी ने जीत के बाद फेसबुक पर लिखा कि मुझे बधाई देने और सपोर्ट करने वालों का धन्यवाद। लेकिन मुझे उत्तराखंड में नौकरी चाहिए। मैंने हर समय खुद को साबित किया है, लेकिन उत्तराखंड में खिलाड़ियों के लिए कोई कोटा है नहीं है और ना ही कोई नौकरी के अवसर। मैं निवेदन करती हूं कि नौकरियों में खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स कोटा से प्राथमिकता दी जाए। इससे कई युवा एथलीट बेहतर करने और मेडल जीतने के लिए प्रोत्साहित होंगे। उत्तराखंड को बचाओ। युवा एथलीट के भविष्य को बचाओ।

 मानसी के पिता लखपत सिंह नेगी का साल 2016 में निधान हो गया था। मां शकुंतला देवी ने बेटी को खिलाड़ी बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। मां के परिश्रम को भी मानसी से देखा और अलग पहचान बनाने के लिए चमोली से देहरादून पहुंच गई। मानसी पिछले 7 सालों से महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में ट्रेनिंग व अभ्यास कर रही हैं।

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