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उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव को मिली जिम्मेदारी,निर्वाचन आयोग में हो गई एंट्री

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Election Commission of India: Election Commissioner Recruitment: Loksabha Election 2024 Update:

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2024 लोकसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग को एक बहुत बड़ा झटका लगा था। चुनाव आयोग के दोनों चुनाव आयुक्तों के पद अचानक खाली हो गए थे। चुनाव आयुक्त का पहला पद अनूप पाण्डे के फ़रवरी में सेवानिवृत्त होने से खाली हुआ था। वहीं दूसरे पद पर कार्यरत चुनाव आयुक्त अरुण गोयल ने 09 मार्च को अपना इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद चुनाव आयोग ने दोनों रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने का निर्णय लिया और प्रधानमंत्री की उपस्थिति में समिति का गठन हुआ।

बंगाल के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने समिति की बैठक ख़त्म होने के बाद दोनों पदों पर नए चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति होने की जानकारी प्रेस वार्ता में साझा की। बता दें कि इन दोनों रिक्त पदों के साथ बिना चुनाव आयुक्तों के 2024 का लोकसभा चुनाव होना लगभग नामुमकिन था। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और नेता विपक्ष अधीर रंजन की उपस्थिति में हुई बैठक में ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू को चुनाव आयुक्त बनाने का निर्णय लिया गया है। अधीर रंजन ने प्रेस वार्ता में कहा कि वो इस निर्णय से खुश नहीं हैं क्योंकि यह निर्णय एक औपचारिकता मात्र है।

कल रात 12 बजे दिल्ली पहुंचे अधीर रंजन ने बताया कि उन्हें चुनाव आयुक्तों के पदों पर नियुक्ति के लिए 212 नामों की एक सूची थमा दी गई थी। सूची मिलने पर वो कहते हैं कि ना उनके पास उन नामों पर विचार करने का और ना ही उन उम्मीदवारों की आवश्यक जानकारी प्राप्त करने का समय मिला। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव आयोग की उपस्थिति में पहले से जिन चुनाव आयुक्तों के नामों को स्वीकृति दी थी वही नाम चुनाव आयुक्तों के इन रिक्त पदों पर नियुक्त किए गए। बयानबाज़ियों के बीच चुनाव आयोग के चुनाव आयुक्तों के दोनों रिक्त पदों पर हुई नियुक्ति के बाद ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू चुनाव आयुक्त बना दिए गए हैं।

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