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राम मंदिर नहीं जाएंगे राहुल गांधी,न्याय यात्रा शुरू करने का फैसला


Ayodhya Ram Mandir Big Update: Rahul Gandhi Not Going To Ayodhya:

शताब्दियों से प्रतीक्षित रहा है राम मंदिर निर्माण का निर्णय। जिसके लिए अनेकों आंदोलन अयोध्या की भूमि में जन्मे। या भारत के किसी ना किसी कोने से शुरू होकर अयोध्या तक पहुंचे। करोड़ों हिन्दुओं की आस्था को राम मंदिर के साथ सीधे जोड़ा जाता है। बड़े-बड़े धर्मात्माओं, संतों, राजनेताओं, व्यापारियों और आम जनता का भी इन आन्दोलनों में प्रत्यक्ष सहयोग रहा है। जब एक तरफ 500 वर्ष बाद सर्वोच्च न्यायालय से निर्णय प्राप्त राम मंदिर निर्माण के पश्चात अब उदघाटन होने जा रहा है। तो राहुल गांधी अयोध्या क्यों नहीं जा रहे?

आपको बता दें कि दक्षिण से उत्तर की ओर 07 सितम्बर 2022 से 130 दिनों की भारत जोड़ो यात्रा कर चुके हैं राहुल गांधी। जो इस वर्ष 30 जनवरी को कश्मीर में संपन्न हुई थी। और सुर्ख़ियों में रही कांग्रेस की यह भारत जोड़ो यात्रा के बाद कांग्रेस ने पूर्व से पश्चिम की ओर एक ओर भारत जोड़ो यात्रा करने की घोषणा की थी।

पर जब पूरा देश राम मंदिर उदघाटन के उत्सव में डूबा होगा और हर तरफ भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा की चर्चा होगी उसी समय देश का ध्यान अपनी तरफ केंद्रित करने के लिए राहुल गांधी भी तैयार नज़र आ रहे हैं। जहाँ भाजपा हर भारतीय तक दशकों पहले राम मंदिर निर्माण के लिए हुए आन्दोलनों से लेकर राम मंदिर उदघाटन तक किए संघर्ष की हर जानकारी पहुंचाना चाहती है। तो वहीं कांग्रेस भी राहुल गांधी को मैदान में उतार कर 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में बड़ा दाव खेलने को तैयार है।

आपको बता दें कि राम मंदिर समिति ने खुद जाकर प्रधानमंत्री मोदी को 22 जनवरी 2024 में होने वाले राम लला प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में आमंत्रित किया था। जिसपर कांग्रेस ने कई दिनों तक तीखे तेवर अपनाए थे। राम मंदिर को सरकार ओर जनता के पैसों से निर्मित बताकर कांग्रेस का कहना है कि राम मंदिर निर्माण में प्रधानमंत्री मोदी से ज़्यादा पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का योगदान है। पर इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि जब कांग्रेस के ही सहयोगी दल सनातन पर आपत्तिजनक बयान देते हैं, और हिन्दुओं कि आस्था का उपहास करते हैं तब कांग्रेस मौन धारण कर लेती है। लेकिन जब राम मंदिर का विषय उठता है तो उसपर सारा श्रेय कांग्रेस अपने आप को देती है।

राहुल गांधी के नेतृत्व में 14 जनवरी 2024 से 20 मार्च 2024 तक आयोजित होने जा रही है कांग्रेस की यह न्याय यात्रा। जो मणिपुर से शुरू होकर मुंबई में समाप्त होगी। यह यात्रा उत्तरप्रदेश से भी गुजरने वाली है। अब देखना यह है कि राम मंदिर उदघाटन में शामिल होने का बहिष्कार या किनारा कर चुके INDI गठबंधन के सहयोगी दलों के बाद क्या राहुल गांधी अपनी यात्रा के बीच अयोध्या पहुँचकर राम लला के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लेंगे? और क्या सनातन के अपमान पर मौन रहने वाली कांग्रेस को इस न्याय यात्रा से 2024 लोकसभा चुनाव में कुछ फायदा होगा? इसका जवाब भले जो भी हो, पर अभी पूरा देश सिर्फ और सिर्फ राम लला को पूरे मान-सम्मान के साथ राम मंदिर में विराजित होता देखना चाहता है।

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